डीयू के मिरांडा हाउस में समर रिसर्च इंटर्नशिप की शुरुआत, देशभर के 450 से ज्यादा विद्यार्थी करेंगे शोध
मिरांडा हाउस में छह सप्ताह के समर रिसर्च इंटर्नशिप कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसमें देशभर से 450 से अधिक विद्यार्थी ...और पढ़ें

कार्यक्रम के दौरान मंच पर उपस्थित पदाधिकारी। सौ- कालेज
HighLights
मिरांडा हाउस में छह सप्ताह का समर रिसर्च इंटर्नशिप शुरू।
देशभर से 450 से अधिक विद्यार्थी विभिन्न विषयों में शोध करेंगे।
डीआरडीओ के पूर्व निदेशक डॉ. शिव कुमार ने किया उद्घाटन।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। डीयू के मिरांडा हाउस में मंगलवार से छह सप्ताह के समर रिसर्च इंटर्नशिप कार्यक्रम फ्लेवर आफ रिसर्च: इन्वेस्टिगेटिव प्रोजेक्ट्स इन मल्टीडिसिप्लिनरी कान्टेक्स्ट्स का शुभारंभ हुआ।
9 जून से 21 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस कार्यक्रम में देशभर के 39 विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों से 450 से अधिक विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को शोध कार्य का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना और उनमें अनुसंधान के प्रति रुचि को बढ़ावा देना है।
इस वर्ष इंटर्नशिप के तहत भौतिकी, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान, गणित, भूगोल और राजनीति विज्ञान सहित विभिन्न विषयों में शोध के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रतिभागियों को प्रयोगशाला आधारित अध्ययन, फील्ड वर्क, डेटा विश्लेषण और अंतर्विषयी शोध परियोजनाओं पर काम करने का अवसर मिलेगा।
शोध और नवाचार के महत्व से परिचित कराया
कार्यक्रम का उद्घाटन रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के पूर्व निदेशक (ईआर एवं आइपीआर) डा. शिव कुमार ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को शोध और नवाचार के महत्व से परिचित कराते हुए कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी देश के विकास और राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने युवाओं से नई खोजों और नवाचारों के माध्यम से समाज की चुनौतियों के समाधान तलाशने का आह्वान किया।
कालेज प्रशासन के अनुसार, इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों और शोध विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागी अपने शोध कार्यों को पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे। यह पहल विद्यार्थियों को शोध संस्कृति से जोड़ने और उनकी अकादमिक व विश्लेषणात्मक क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
