दिल्ली एयरपोर्ट पर 10 मिलिट्री ग्रेड ड्रोन पकड़े, वियतनाम के रास्ते हांगकांग से की तस्करी; 3 यात्री गिरफ्तार
आइजीआइ एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने हांगकांग से वियतनाम के रास्ते लाए जा रहे 10 सैन्य श्रेणी के ड्रोन जब्त ...और पढ़ें
-1790742991881_m.webp)
दिल्ली एयरपोर्ट से 10 मिलिट्री ग्रेड ड्रोन जब्त। फोटो: आर्काइव
HighLights
आइजीआइ एयरपोर्ट पर 10 सैन्य श्रेणी के ड्रोन जब्त
हांगकांग से वियतनाम के रास्ते लाए जा रहे थे ड्रोन
तीन भारतीय यात्री गिरफ्तार, मामले की जांच जारी है
मुकेश ठाकुर, नई दिल्ली। दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने हांगकांग से वियतनाम के रास्ते भारत लाए जा रहे सैन्य व रक्षा श्रेणी के 10 ड्रोन बरामद किए हैं। मामले में तीन भारतीय यात्रियों को पकड़ा गया है। इनके पास से एक आईफोन 18 प्रो मैक्स भी मिला।
बरामद सामान की कुल कीमत चार्टर्ड इंजीनियर के आकलन के आधार पर 1,03,55,900 रुपये है। कस्टम अधिकारी के अनुसार, 25 सितंबर को खुफिया सूचना के आधार पर टर्मिनल-3 पर निगरानी की जा रही थी।
हांगकांग से वियतनाम होते हुए आने वाले तीन यात्रियों को ग्रीन चैनल पार करते समय रोका गया। वे वियतनाम की उड़ान वीएन-593 और वीएन-981 से दिल्ली पहुंचे थे।
सामान की विस्तृत तलाशी में आटेल रोबोटिक्स एमडीएक्स-1 के 10 ड्रोन मिले। इनके साथ नियंत्रक, कैमरा लगे जिम्बल, केबल, प्रोपेलर, जायस्टिक और अन्य उपकरण भी बरामद हुए।
ड्रोन में मिले रक्षा श्रेणी के फीचर
चार्टर्ड इंजीनियर की जांच में ड्रोन को पेशेवर श्रेणी का बताया गया। इनमें थर्मल इमेजिंग और लेजर रेंज फाइंडर की सुविधा मिली। कस्टम के अनुसार, तकनीकी विशेषताओं के आधार पर इन्हें सैन्य व रक्षा श्रेणी के मानव रहित हवाई यान (यूएवी) के रूप में आंका गया है।
सामान्य कैमरा ड्रोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से फोटो-वीडियोग्राफी, सर्वेक्षण और अन्य नागरिक कार्यों में होता है। रक्षा श्रेणी के ड्रोन में थर्मल सेंसर, लंबी दूरी की निगरानी और लक्ष्य की दूरी मापने वाले उपकरण जैसी क्षमताएं हो सकती हैं।
हालांकि, किसी ड्रोन की कानूनी श्रेणी केवल उसके सेंसर के आधार पर तय नहीं होती, बल्कि उसके तकनीकी विनिर्देश और संबंधित प्राधिकरण के आकलन पर निर्भर करती है।
डीजीएफटी नीति में आयात प्रतिबंधित
डीजीएफटी (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फाॅरन ट्रेड) की आयात नीति के अनुसार पूरी तरह तैयार ड्रोन (सीबीयू), सेमी-नाक्ड डाउन और कंप्लीटली नाक्ड डाउन रूप में ड्रोन का आयात प्रतिबंधित है।
रक्षा व सुरक्षा उद्देश्यों और कुछ सरकारी और अनुसंधान संबंधी मामलों में निर्धारित शर्तों के साथ अपवाद है। ऐसे मामलों में संबंधित अनुमति जरूरी होती है।
कस्टम ने सामान को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 110(1) के तहत जब्त कर लिया है। मामले में यात्रियों से पूछताछ और ड्रोन के स्रोत व भारत लाने के उद्देश्य की जांच जारी है।
यह भी पढ़ें- DNA रिपोर्ट बनी सबसे बड़ा सबूत, दिल्ली बस गैंगरेप केस में चार्जशीट दाखिल; ड्राइवर-कंडक्टर पर शिकंजा कसा
