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रिहायशी मकान में दुकान या रेस्तरां चलाते हैं? ऐसी 20 हजार प्रॉपर्टीज पर MCD करेगी कार्रवाई; 6000 होंगी सील

Published: Sun, 11 Oct 2026 10:26 PM (IST)

एमसीडी ने दिल्ली में 20,000 रिहायशी संपत्तियों की पहचान की है जिनका व्यावसायिक उपयोग हो रहा है, सुप्रीम कोर्ट के ...और पढ़ें

एमसीडी ने ऐसी करीब 20 हजार संपत्तियों की पहचान की है जो हैं तो रिहायशी लेकिन उनका व्यावसायिक उपयोग हो रहा है।

एमसीडी ने ऐसी करीब 20 हजार संपत्तियों की पहचान की है जो हैं तो रिहायशी लेकिन उनका व्यावसायिक उपयोग हो रहा है।

HighLights

  1. MCD ने 20,000 रिहायशी संपत्तियां व्यावसायिक उपयोग में पाईं।

  2. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 6,000 संपत्तियां सील होंगी।

  3. सीलिंग के बाद डी-सीलिंग प्रक्रिया बेहद चुनौतीपूर्ण होगी।

निहाल सिंह, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में रिहायशी संपत्तियों का व्यावसायिक उपयोग करने वालों की मुसीबत बढ़ सकती है। एमसीडी ने ऐसी करीब 20 हजार संपत्तियों की पहचान की है जो हैं तो रिहायशी लेकिन उनका व्यावसायिक उपयोग हो रहा है।

ऐसे में इन संपत्तियों पर आने वाले इन पर सीलिंग का खतरा मंडराने लगा है। अगर, एक बार यह संपत्ति सील हो गई तो इन स्थानों पर फिर से व्यवसाय करने की पाबंदी हो जाएगी। साथ ही सील खुलवाना भी चुनौती भरा हो जाएगा।

दिल्लीभर में एक व्यापक सर्वे किया

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में लोगनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य एवं अन्य वाद चल रहा है। इसमें पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश देश के देश के सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के राजधानी में स्थानीय निकायों को निर्देश दिए थे कि कहीं भी रिहायशी संपत्ति का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है तो उसे तुरंत सील करें। एमसीडी ने इसके बाद दिल्लीभर में एक व्यापक सर्वे किया है।

एमसीडी 20 हजार प्रॉपर्टीज पर करेगी कार्रवाई

एसमीडी के एक अधिकारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद हमने दिल्ली की चार लाख संपत्तियों का सर्वे किया है। इसमें से 20 हजार के करीब संपत्तियां ऐसी मिलीं जो हैं तो रिहायशी लेकिन उनका व्यावसायिक उपयोग हो रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इन 20 हजार संपत्तियों पर कार्रवाई की कार्ययोजना बना ली है। जल्द ही इस दिशा में चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी।

करीब 6000 सम्पत्तियों को किया जाएगा सीज

अधिकारी ने यह भी बताया कि 20 हजार संपत्तियों में सात हजार के करीब ऐसी संपत्तियां हैं जो हैं तो रिहायशी लेकिन संभव है कि उन्होंने अपना कन्वर्जन करा लिया है जबकि सात ही हजार के करीब ऐसी है जो मिक्स लैंड यूज वाली 800 सड़कों पर आती हैं। ऐसे में उन्होंने इसका कन्वर्जन शुल्क देकर अभी कन्वर्जन नहीं कराया है तो उन्हें भी सील किया जाएगा। शेष छह से सात हजार संपत्तियां ऐसी है जिनका कन्वर्जन हो नहीं सकता है। इसलिए इन्हें सील किया जाएगा।

जाेन के अनुसार होगी कार्रवाई

अधिकारी ने बताया कि जोन के अनुसार यह कार्रवाई की जाएगी। इलाके के बिल्डिंग विभाग के अधिकारी इस संबंध में कार्रवाई करेंगे। इसके लिए नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू भी जल्द की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि जो संपत्तियां व्यावसायिक उपयोग मेंं मिली है उसमें कोचिंग सेंटर, रेस्तरां, कोचिंग सेंटर, किराना, हलवाई और अन्य गतिविधियां की जा रही हैं।

क्या है कन्वर्जन और कहां हो सकता है?

राजधानी दिल्ली में करीब 1821 सड़कें हैं। इसमें से 987 सड़के व्यावसायिक गतिविधियों के लिए सीधी तरह पर अधिसूचित हैं। जबकि 834 सड़कें ऐसी हैं जिनमें नीचे दुकान और ऊपर मकान यानि भू -मिश्रित (मिक्स लैंड यूज) वाली है। इन सड़कों पर आने वाली संपत्तियों को एमसीडी को कन्वर्जन शुल्क देकर व्यावसायिक उपयोग करने का प्रविधान मास्टर प्लान में है।

सील हुई तो इसको खुलवाना होगा चुनौतीपूर्ण

चूंकि यह अब जो भी संपत्ति सील की जाएगी उन्हें डी-सील यानि सील खुलवाना काफी चुनौती पूर्ण होगा। क्योंकि पूर्व में सुप्रीम कोर्ट की मानिटरिंग कमेटी के निर्देश पर ऐसी सीलिंग हुई थी तो सुप्रीम कोर्ट की जानकारी में लाकर ही इन संपत्तियों को डी-सील किया गया था। साथ ही, कई संपत्तियों को सील खुलवाने के लिए पांच से छह वर्ष तक का समय तक लग गया था।

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