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एमसीडी की सुनियो 2.0 योजना, पुराना प्रॉपर्टी टैक्स चुकाने पर ब्याज-जुर्माना माफ; 31 दिसंबर तक मिलेगा मौका

Published: Tue, 29 Sep 2026 09:49 PM (IST)

एमसीडी ने संपत्तिकर निपटान योजना 'सुनियो 2.0' शुरू की है, जिसके तहत पुराने छह साल और मौजूदा वित्त वर्ष का मूल संपत्तिकर जमा करने पर ब्याज व जुर्माना माफ होगा।

मौजूदा वित्त वर्ष समेत पुराने छह साल का संपत्तिकर जमा करने पर 14 साल का संपत्तिकर का मूल और बकाया के साथ जुर्माना भी माफ होगा। एआई इमेज

मौजूदा वित्त वर्ष समेत पुराने छह साल का संपत्तिकर जमा करने पर 14 साल का संपत्तिकर का मूल और बकाया के साथ जुर्माना भी माफ होगा। एआई इमेज

HighLights

  1. पुराने छह साल और मौजूदा वित्त वर्ष का कर जमा करें।

  2. संपत्तिकर के ब्याज और जुर्माने में पूरी छूट मिलेगी।

  3. योजना 31 दिसंबर तक लागू, किस्तों में भुगतान का विकल्प।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। एमसीडी ने संपत्तिकर बकाया न चुका पाने वालों के लिए संपत्तिकर निपटान योजना (सुनियो) 2.0 की घोषणा की है। इसके तहत मौजूदा वित्त वर्ष समेत पुराने छह साल का संपत्तिकर जमा करने पर 14 साल का संपत्तिकर का मूल और बकाया के साथ जुर्माना भी माफ होगा।

योजना के तहत सात साल का संपत्तिकर चुकाने के लिए भी केवल मूल संपत्तिकर जमा करना होगा। इस पर ब्याज और जुर्माने पर छूट मिलेगी। योजना 31 दिसंबर तक लागू रहेगी। इसके बाद एमसीडी बकायेदारों पर कार्रवाई शुरू करेगी।

देनी होगी सिर्फ मूल राशि

महापौर प्रवेश वाही ने बताया कि योजना के तहत संपत्ति मालिकों को चालू वित्त वर्ष 2026-27 और पिछले सात वित्तीय वर्षों यानी 2019-20 से 2025-26 तक की संपत्ति कर की मूल राशि का भुगतान करना होगा। इस राशि पर कोई ब्याज और जुर्माना नहीं लिया जाएगा। निगम ने ऐसे करदाताओं को भी राहत दी है जिनकी कुल संपत्ति कर देयता अधिक है।

किस्तों में भुगतान का विकल्प मिलेगा

पांच लाख रुपये या उससे अधिक की कुल कर देयता वाले करदाता निर्धारित शर्तों के तहत योजना की अवधि में समान किस्तों में भुगतान कर सकेंगे। इससे बड़े बकायेदारों को एकमुश्त बड़ी राशि जमा करने के बजाय किस्तों में भुगतान का विकल्प मिलेगा। इसके साथ योजना में करदाताओं को संपत्ति कर से संबंधित विवरण में संशोधन या सुधार का अवसर भी दिया गया है। यदि किसी करदाता ने गलत संपत्तिकर जमा किया है तो वह इसे भी सुधार सकेगा।

हेल्पलाइन नंबर भी जारी

जिन संपत्ति करदाताओं के मामले न्यायालय में लंबित हैं और वे योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो हलफनामा देकर वह इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। साथ ही उन्हें लंबित मुकदमा वापस लेना होगा।

महापौर ने कहा कि योजना का उद्देश्य करदाताओं को पुराने बकाये से राहत देना और निगम के राजस्व को बढ़ाना है। करदाताओं की सहायता के लिए निगम ने 7065064988 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।

इसके अलावा क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारियों के माध्यम से जागरूकता और करदाता सुविधा शिविर भी लगाए जा रहे हैं।

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