प्रॉपर्टी टैक्स के साथ ही दिल्लीवालों से अब वसूला जाएगा यूजर चार्ज, MCD ने की तैयारी; देखें तय की गईं दरें
एमसीडी ने दिल्ली में कूड़ा उठाने के लिए कॉलोनी की श्रेणी और संपत्ति के आकार के आधार पर नए यूजर ...और पढ़ें

एमसीडी अब प्रॉपर्टी टैक्स के साथ ही वसूलेगा यूजर चार्ज। फोटो: आर्काइव
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में एमसीडी इलाके में रहने वाले लोगों को आने वाले कुछ माह में संपत्तिकर के साथ कूड़ा उठाने के एवज में यूजर चार्ज भी देना पड़ सकता है। ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 आने के बाद एमसीडी ने इसके लिए उप नियम भी तैयार कर लिए हैं।
हालांकि इस बार एमसीडी ने पिछले अनुभवों को देखते हुए सभी नागरिकों को एक तराजू से तौलने की बजाय आर्थिक स्थिति को देखते हुए रिहायशी संपत्तियों पर यूजर चार्ज लेने का प्रस्ताव किया है।
इसमें एक श्रेणी ए से लेकर डी श्रेणी की कॉलोनी की होगी जबकि दूसरी श्रेणी ई से लेकर एच की कॉलोनियां होगी। इससे 2018 में आए उपनियमों की तुलना में पहली श्रेणी ए से लेकर डी श्रेणी के संपत्ति मालिकों पूर्व से ज्यादा तो वहीं ई से लेकर एच श्रेणी के कॉलोनियों पूर्व से कम शुल्क प्रस्तावित किया गया है।
बृहस्पतिवार को निगम सदन की बैठक में ऑन टेबल इस प्रस्ताव को लाया गया था इसे मंजूरी नहीं मिली। ऐसे में संभावना है कि अगली बैठक में मंजूरी मिल जाए।
ए से डी श्रेणी की कॉलोनियों पर ज्यादा शुल्क
प्रस्तावित उप नियमों के तहत जहां 50 वर्ग गज तक की संपत्ति पर पूर्व में 50 रुपये मासिक शुल्क प्रस्तावित था जिसे अब 75 रुपये पहली श्रेणी का मासिक शुल्क प्रस्तावित किया गया है। वहीं दूसरी श्रेणी में इसे 40 रुपये ही किया गया है।
इसके बाद 50 से लेकर 200 वर्ग मीटर तक की संपत्ति में 150 रुपये मासिक पहली श्रेणी में जबकि दूसरी श्रेणी में 75 रुपये मासिक का प्रस्ताव है।
इसके साथ ही 200 वर्ग मीटर तक की संपत्ति पर पहली श्रेणी में 300 रुपये मासिक तो दूसरी श्रेणी में 150 रुपये मासिक का शुल्क प्रस्तावित किया गया है। इसके साथ ही पथ विक्रेता (स्ट्रीट वेंडर) 100 रुपये की बजाय 150 रुपये का शुल्क प्रस्तावित किया गया है।
कॉलोनी श्रेणी के अनुसार शुल्क तय
एमसीडी अधिकारियों के अनुसार पूर्व में यूजर चार्ज तीन निगम थे लेकिन तीनों निगम में एक समान शुल्क अधिसूचित किए गए थे। जबकि पूर्वी से लेकर दक्षिणी और उत्तरी दिल्ली के रहने वाले लोगों कॉलोनी और श्रेणी अनुसार आर्थिकी अलग है।
इसलिए इसे लागू करने में दिक्कत आई और इसको लोगों ने स्वीकार नहीं किया। इसी को देखते हुए हमने नए ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के आने के बाद उप नियमों को तर्कसंगत तरीके से तैयार किया है।
इसके तहत रिहायशी संपत्तियों पर कॉलोनी की श्रेणी के अनुसार प्रस्तावित किया गया है। ताकि लोगों पर आर्थिक बोझ ज्यादा न पड़े और जब इसे लागू किया जाए तो लोग इसे सहज स्वीकार करें।
प्रस्तावित यूजर चार्ज
| श्रेणी | ए से लेकर डी श्रेणी की कॉलोनी | ई से लेकर एच श्रेणी की कॉलोनी |
|---|---|---|
| 50 वर्ग मीटर तक | 75 | 40 |
| 50 से 200 वर्ग मीटर तक | 150 | 75 |
| 200 वर्ग मीटर से ऊपर | 300 | 150 |
व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रस्तावित शुल्क
| श्रेणी | शुल्क |
|---|---|
| स्ट्रीट वेंडर | 150 |
| ढाबा, काफी व चाय की दुकान | 750 |
| धर्मशाला | 3000 |
| हॉस्टल | 3000 |
| 50 सीटों तक वाले रेस्तरां | 3000 |
| 50 सीटों से अधिक वाले रेस्तरां | 5000 |
| तीन सितारा तक के होटल | 5000 |
| तीन सितारा से अधिक वाले होटल | 7500 |
| क्लीनिक व डिस्पेंसरी 50 बेड तक | 3000 |
| क्लीनिक व डिस्पेंसरी 50 बेड से अधिक | 6000 |
| सभागार व सामुदायिक स्थान | 7500 |
| सिनेमा घर | 6000 |
