यमुना किनारे बनेगी 4.7 किमी लंबी की दीवार, दिल्ली को बाढ़ से बचाने के लिए सरकार का बड़ा कदम
दिल्ली सरकार ने बाढ़ और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए 622 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी ...और पढ़ें

दिल्ली में यमुना किनारे बनाई जाएगी दीवार। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
बाढ़ और जलभराव से निपटने को 622 करोड़ मंजूर।
यमुना किनारे 4.7 किमी लंबी आरसीसी दीवार बनेगी।
गाद निस्तारण को तीन बायोमाइनिंग परियोजनाएं शुरू होंगी।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में बाढ़ और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने 622 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
यमुना किनारे 4.7 किलोमीटर लंबी आरसीसी दीवार बनाई जाएगी, जबकि नालों से निकलने वाली गाद के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए 260 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाएं शुरू करने की तैयारी है।
इसके अलावा नालों के किनारे हरित क्षेत्र विकसित करने और सौंदर्यीकरण की योजना पर भी चर्चा हुई।
यमुना किनारे 4.7 किमी लंबी दीवार बनेगी
यमुना का जलस्तर बढ़ने पर निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा कम करने के लिए मैगजीन रोड नाले से ओल्ड रेलवे ब्रिज तक 4.7 किलोमीटर लंबी प्रबलित सीमेंट कंक्रीट (आरसीसी) दीवार बनाई जाएगी। इस परियोजना पर 99 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इससे यमुना के संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा मजबूत करने और बाढ़ के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी।
गाद के निस्तारण पर खर्च होंगे 260 करोड़ रुपये
नालों की सफाई के बाद निकलने वाली गाद का निस्तारण बड़ी समस्या बना हुआ है। कई जगह गाद नालों के किनारे या सड़कों पर पड़ी रहती है। बारिश के दौरान यह वापस नालों में पहुंच जाती है, जिससे सफाई का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाता।
इस समस्या से निपटने के लिए 260 करोड़ रुपये की तीन बायोमाइनिंग परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इससे नजफगढ़ नाले समेत अन्य प्रमुख नालों से निकलने वाली गाद के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण में मदद मिलेगी।
नालों के किनारे विकसित होंगे हरित क्षेत्र
दिल्ली के दूसरे नालों के किनारे भी बारापुला की तर्ज पर हरित क्षेत्र विकसित करने और सौंदर्यीकरण पर चर्चा हुई। इसके तहत पैदल रास्ते, पौधारोपण, रोशनी और सुरक्षा के लिए फेंसिंग विकसित करने की योजना है।
इससे नालों के आसपास के क्षेत्रों को साफ और सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
फ्लड कंट्रोल बोर्ड की बैठक में हुई चर्चा
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश वर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में फ्लड कंट्रोल बोर्ड की 40वीं बैठक हुई। इसमें जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने और मानसून के दौरान जलभराव से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई।
मंत्री ने अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने और निर्धारित समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए।
प्रमुख परियोजनाएं एक नजर में
| परियोजना | लागत/लंबाई |
|---|---|
| यमुना किनारे आरसीसी दीवार | 4.7 किमी |
| आरसीसी दीवार निर्माण की लागत | 99 करोड़ रुपये |
| गाद निस्तारण की तीन बायोमाइनिंग परियोजनाएं | 260 करोड़ रुपये |
| सभी परियोजनाओं की कुल मंजूर राशि | 622 करोड़ रुपये |
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