सर्वे हुआ, कार्रवाई के दावे भी हुए... फिर भी सत्य निकेतन में बेखौफ खड़ी हैं खतरनाक पांच मंजिला इमारतें
सत्य निकेतन में पीजी इमारत हादसे के आठ दिन बाद भी एमसीडी अवैध पांच मंजिला इमारतों पर कार्रवाई नहीं कर ...और पढ़ें

सत्य निकेतन में आठ सितंबर से चल रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में अब तक प्रापर्टी नंबर पी-13 के दो तल का कुछ हिस्सा ही तोड़ा जा सका। जागरण
HighLights
सत्य निकेतन में अवैध इमारतों पर आठ दिन बाद भी कार्रवाई नहीं।
झुकी हुई इमारत पी-13 को निगम सात दिन में भी नहीं तोड़ पाया।
दिल्लीभर में 251 अवैध निर्माण ध्वस्त, 571 संपत्तियां सील की गईं।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। सत्य निकेतन इलाके में हुए पीजी इमारत हादसे के बाद सभी अवैध इमारतों पर कार्रवाई के दावे हुए। एमसीडी ने अवैध और खतरनाक हो चुके इमारतों का सर्वे भी कराया। पर हादसे के आठ दिन बाद भी सत्य निकेतन में अवैध पांच मंजिला इमारतों पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हो पायी।
जबकि यहां ज्यादातर इमारतें पांच मंजिला हैं। कई मकान रहने के लिहाज से खतरनाक हैं। वहीं हादसे के बाद प्रापर्टी नंबर पी-13 की पांच मंजिला इमारत, जो एक तरफ खतरनाक तरीके से झुक चुकी थी, उसे सात दिन में भी निगम तोड़ नहीं पाया।
वहीं इसके पास की एक और इमारत पर छह सितंबर को ध्वस्तीकरण की नोटिस चस्पा की गई थी। तीन दिन की मोहलत दी गई थी, पर एक सप्ताह बाद भी उसे तोड़ने का काम तो शुरू भी नहीं हो पाया है।
बता दें कि एमसीडी की ओर से दिल्लीभर में पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासीय भवनों का व्यापक सर्वे भी जारी है। अब तक करीब 2,453 भवनों की पहचान की गई है, जहां पीजी सुविधाएं संचालित हो रही हैं। सर्वे और निरीक्षण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
इन पीजी में 50 हजार से अधिक लोग रह रहे हैं। इधर, विभागीय दावों के मुताबिक राजधानी में अवैध निर्माण के खिलाफ एमसीडी की अब तक की कार्रवाई में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में 251 अवैध निर्माण ध्वस्त जा चुके हैं, जबकि 571 संपत्तियों को सील किया गया है।
सोमवार को भी जारी रही कार्रवाई
सोमवार को भी निगम ने सभी 12 जोन में कार्रवाई करते हुए 40 स्थानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की और आठ संपत्तियों को सील किया। एमसीडी के मुताबिक खतरनाक इमारतों, अनधिकृत निर्माण और मास्टर प्लान व भवन उपनियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इसके अलावा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 14 ध्वस्तीकरण आदेश भी पारित किए गए। इसमें करोल बाग जोन के टीसी कैंप, ब्लाक-टी, पांडव नगर, ईस्ट पटेल नगर, रेगरपुरा, करोल बाग, माता रमेश्वरी, नेहरू नगर और नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में प्रमुख कार्रवाई की गई।
वहीं, ईस्ट जोन के ईस्ट विनोद नगर, मयूर विहार फेज-2, रघुबरपुरा और गांधी नगर के धरमपुरा सहित कई इलाकों में कार्रवाई हुई। नार्थ जोन में मलका गंज में भी अवैध निर्माण ध्वस्त किया गया।
एक जून से अब तक की कार्रवाई
| कार्रवाई के प्रकार | एक जून से अब तक | सोमवार को |
|---|---|---|
| ध्वस्तीकरण | 1212 | 40 |
| सील | 573 | 08 |
| ध्वस्तीकरण का नोटिस | 1691 | 47 |
| सीलिंग की नोटिस | 787 | 10 |
| ध्वस्तीकरण का आदेश | 778 | 14 |
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