'क्या आधार है कि मलबे में लोग दबे हैं?' सत्य निकेतन विवाद पर दिल्ली HC ने याचिकाकर्ता पर उठाए सवाल
दिल्ली हाई कोर्ट ने सत्य निकेतन में इमारत गिराने से जुड़ी याचिका को तुरंत सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया। ...और पढ़ें

दिल्ली हाई कोर्ट।
HighLights
हाई कोर्ट ने सत्य निकेतन याचिका तुरंत सूचीबद्ध करने से मना किया।
अदालत ने मलबे में लोगों के दबे होने के दावे पर सवाल उठाया।
पीठ ने कहा कि यह याचिकाकर्ता का केवल अनुमान है।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में सत्य निकेतन के पीजी के बगल की इमारत को गिराने से जुड़ी याचिका को तुरंत सूचीबद्ध करने से इनकार करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर सवाल उठाया।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि एमसीडी अधिकारियों ने बगल की इमारत को गिराने से पहले जरूर ऑडिट किया होगा।
अदालत ने सवाल उठाया कि इस जानकारी का क्या आधार है कि मलबे के नीचे लोग दबे हैं? आपको कैसे पता?
पीठ ने कहा कि यह सब आपका अंदाजा है कि कुछ लोग हो सकते हैं। ऐसी बातें कहने के लिए आपके पास कोई आधार होना चाहिए। पीठ ने कहा कि याचिका अपने तय हिसाब से सूचीबद्ध की जाएगी।
