विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पश्चिमी दिल्ली में ड्रोन से पकड़ी गईं जल प्रदूषण फैलाने वाली अवैध इकाइयां, 11 सील

Published: Thu, 26 Feb 2026 06:25 AM (IST)

पश्चिमी दिल्ली में जल प्रदूषण फैलाने वाली जींस डाईंग और वाशिंग इकाइयों की पहचान के लिए निगम के पश्चिमी जोन ...और पढ़ें

निगम पश्चिमी जोन ने ड्रोन से सर्वे कर ऐसी 11 इकाइयों का पता लगा उन्हें किया सील।

निगम पश्चिमी जोन ने ड्रोन से सर्वे कर ऐसी 11 इकाइयों का पता लगा उन्हें किया सील।

HighLights

  1. निगम ने जल प्रदूषणकारी इकाइयों की पहचान को ड्रोन का उपयोग किया।

  2. पश्चिमी दिल्ली में 11 अवैध डाईंग व वाशिंग इकाइयां सील की गईं।

  3. पिछले तीन महीनों में पश्चिमी क्षेत्र में कुल 88 इकाइयां सील।

जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। जल प्रदूषण फैलानी वाली जींस डाईंग व वाशिंग इकाइयों की पहचान मुश्किल होती है। निगम के पश्चिमी जोन ने ऐसी इकाइयों की पहचान के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने का फैसला किया। जोन के विभिन्न वार्डों में ऐसी इकाइयों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया गया। प्रदूषण फैलानी वाली इकाइयों को चिन्हित करने के बाद कार्रवाई करते हुए इन्हें सील किया गया।

निगम पश्चिमी जोन के उपायुक्त कर्नल विनोद अत्री ने बताया कि 16 फरवरी से 20 फरवरी के मध्य ख्याला, विष्णु गार्डन, रणहौला, बापरौला एवं बिंदापुर क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से छतों, इमारतों की ऊपरी मंजिलों तथा छिपाकर संचालित औद्योगिक गतिविधियों की निगरानी की गई, जो सामान्य जमीनी निरीक्षण में सामने नहीं आ पाती थीं। इस सर्वेक्षण के दौरान 29 संदिग्ध अवैध इकाइयों की पहचान की गई, जो पारंपरिक निरीक्षण से बचती रही थीं।

यह ड्रोन सर्वेक्षण जनवरी माह में एमसीडी द्वारा किए गए जमीनी सर्वेक्षण के अतिरिक्त था, जिससे कार्रवाई के लिए ठोस प्रमाण उपलब्ध हुए। घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्रों में प्रदूषणकारी गतिविधियों की निगरानी हेतु हवाई तकनीक और जमीनी सत्यापन का समन्वय एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहल सिद्ध हुआ है।

हवाई सर्वेक्षण के उपरांत सीलिंग कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई। संयुक्त प्रवर्तन अभियान में नगर निगम के साथ, संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), दिल्ली पुलिस, बीएसईएस, दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों द्वारा इस संबंध में उपराज्यपाल के निर्देशों के अनुपालन में संचालित किया गया।

कार्रवाई के दौरान 11 जल प्रदूषणकारी इकाइयों को सील किया गया तथा उनकी बिजली आपूर्ति काट दी गई ताकि वहां फिर से ऐसी गतिविधि संचालित न हो सके। इस सप्ताह 11 इकाइयों के सील होने के साथ ही पिछले तीन महीनों में पश्चिमी क्षेत्र द्वारा कुल 88 इकाइयों को सील किया जा चुका है। शेष चिन्हित इकाइयों के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई इस सप्ताह निरंतर जारी रहेगी।

यह भी पढ़ें- सोनिया विहार में डंपर ने बाइक को मारी टक्कर, 10 साल की बच्ची की मौत, दो घायल