MCD के डिप्टी कमिश्नर समेत दो अधिकारियों को भेजा जेल, अपने ही कर्मचारी से मांगी थी 4 लाख की रिश्वत
एमसीडी के डिप्टी कमिश्नर अभिषेक मिश्रा और प्रशासनिक अधिकारी देवांशू गौतम को रिश्वत मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत ...और पढ़ें

कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। फोटो: सांकेतिक
HighLights
डिप्टी कमिश्नर अभिषेक मिश्रा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
प्रशासनिक अधिकारी देवांशू गौतम भी रिश्वत मामले में गिरफ्तार
सीबीआई ने 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार एमसीडी के डिप्टी कमिश्नर लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक कुमार मिश्रा और प्रशासनिक अधिकारी देवांशू गौतम को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
दोनों आरोपियों को सीबीआई की एक दिन की हिरासत समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया गया। इससे पहले अदालत ने जांच एजेंसी की मांग पर दोनों आरोपियों को एक दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा था, ताकि उनसे मामले से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ की जा सके।

सीबीआई ने रेड मारकर दोनों अधिकारियों को पकड़ा था। फोटो: एआई जनरेटेड
अपने ही कर्मचारी से मांगी थी चार लाख की रिश्वत
सीबीआई के अनुसार, आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक कुमार मिश्रा ददिल्ली नगर निगम में शाहदरा (उत्तरी) जोन में डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात थे। उन पर विभागीय कार्रवाई का सामना कर रहे एक कर्मचारी से चार लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।
जांच एजेंसी का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी देवांशू गौतम ने इस पूरे मामले में बिचौलिए की भूमिका निभाई। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने 27 मार्च को जाल बिछाया और गौतम को राजघाट पार्किंग क्षेत्र में एक कार के अंदर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
सीबीआई के मुताबिक, रिश्वत की रकम लेने के बाद गौतम ने अभिषेक मिश्रा को फोन किया और बाद में नकदी उनके आवास पर पहुंचा दी। बाद में जांच एजेंसी ने वहां से उक्त राशि बरामद कर ली।

एमसीडी का शाहदरा जोन कार्यालय। फोटो: जागरण
सीबीआई के पास ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद
जांच एजेंसी का दावा है कि उसके पास आरोपियों के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, जिससे मामले में सबूत काफी मजबूत हो गए हैं। सीबीआई अब इस मामले में शामिल अन्य संभावित साजिशकर्ताओं और लाभार्थियों की पहचान करने के लिए आगे की जांच कर रही है।
