विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिल्ली: शाहदरा की बिहारी कॉलोनी में इलेक्ट्रिकल सामान के गोदाम में लगी आग, एक व्यक्ति सुरक्षित बचाया गया

Published: Sat, 20 Jun 2026 06:56 AM (GMT+05:30)Updated: Sat, 20 Jun 2026 08:48 AM (GMT+05:30)

पूर्वी दिल्ली के शाहदरा स्थित बिहारी कॉलोनी में शनिवार तड़के एक इलेक्ट्रिकल सामान के गोदाम में आग लग गई। दमकल ...और पढ़ें

HighLights

  1. शाहदरा की बिहारी कॉलोनी में इलेक्ट्रिकल गोदाम में आग लगी

  2. दमकल विभाग ने मकान से एक व्यक्ति को सुरक्षित निकाला

  3. सुबह 6:20 बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया गया

सौरभ पांडेय, पूर्वी दिल्ली। बिहारी कॉलोनी में दो मंजिला मकान के भूतल पर बने इलेक्ट्रिकल सामान के अवैध गोदाम में शनिवार तड़के आग लग गई। पहली मंजिल पर रहने वाले गोदाम व मकान के मालिक देवेंद्र आहूजा आग की लपटों की तपिश से जागे और दमकल विभाग को मामले की सूचना दी। सीढ़ियों तक फैली आग के चलते देवेंद्र ऊपर ही फंस गए।

दमकल विभाग की टीम ने उनका रेस्क्यू कर जान बचाई। पुलिस और दमकल विभाग ने अवैध गोदाम की रिपोर्ट तैयार कर जांच शुरू कर दी है।

WhatsApp Image 2026-06-20 at 9.07.49 AM (1)

बिहारी कॉलोनी गली नंबर सात में देवेंद्र आहूजा अकेले रहते हैं। पत्नी का काफी समय पहले देहांत हो चुका है और उनकी दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। घर के पास ही उनकी इलेक्ट्रिकल सामान की दुकान है। घर के भूतल पर बने हाल में उन्होंने अपना गोदाम बना रखा था।

शनिवार तड़के करीब साढ़े चार बजे गोदाम में अचानक आग लग गई। आग की लपटों की तपिश से देवेंद्र की आंख खुली और उन्होंने तुरंत दमकल विभाग को सूचित किया। गीता कॉलोनी के स्टेशन अफसर अनूप सिंह की अगुवाई में दमकल की छह गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।

delhi Ncr News (10)

रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते दमकलकर्मी। फोटो- जागरण 

आग गोदाम के पास ही बनी सीढ़ियों तक भी फैल गई जिससे देवेंद्र ऊपर ही फंस गए। दमकल विभाग की टीम ने उन्हें सीढ़ी की मदद से नीचे उतारा। विभाग के अनुसार आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शार्ट सर्किट लग रहा है। जांच के बाद कारण स्पष्ट हो सकेंगे। आग में लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया।

delhi Ncr News (11)

अवैध गोदाम में चारों तरफ फैला था सामान

बिहारी कॉलोनी के आवासीय परिसर में अवैध रूप से यह गोदाम बनाया हुआ था। चारों ओर पंखे, कूलर, तार व अन्य सामान फैला था। ज्यादातर सामान प्लास्टिक का होने के चलते आग चारों तरफ फैल गई।

गनीमत रही कि सही समय पर देवेंद्र की आंख खुल गई और सही समय पर आग पर काबू पाया गया। अन्यथा आसपास के मकान भी आग की चपेट में आ सकते थे।

वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि आसपास के अन्य आवासीय परिसरों में भी अवैध रूप से गोदाम चल रहे हैं। इनमें कभी भी आग जैसा बड़ा हादसा हो सकता है। एमसीडी और अन्य विभागों को इसपर कार्रवाई करनी चाहिए।

यह भी पढ़ें- दिल्ली के मंगोलपुरी फर्नीचर मार्केट में लगी आग, कई दुकानें और वाहन जलकर राख

यह भी पढ़ें- दिल्ली के द्वारका में नमकीन फैक्ट्री में लगी आग, दमकल की आठ गाड़ियों ने की कड़ी मशक्कत