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एक के बाद एक 4 सिलिंडर ब्लास्ट: दल्लूपुरा में लकड़ी के गोदाम में भीषण आग, 1500 से अधिक लोगों को किया रेस्क्यू

Published: Sun, 13 Sep 2026 09:52 PM (IST)

पूर्वी दिल्ली के दल्लूपुरा गांव में एक अवैध लकड़ी के गोदाम में भीषण आग लग गई, जिसमें चार एलपीजी सिलिंडर फटे और लगभग 1500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

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HighLights

  1. दल्लूपुरा के अवैध लकड़ी गोदाम में भीषण आग लगी।

  2. आग से चार एलपीजी सिलिंडर फटे, 1500 लोग निकाले गए।

  3. दमकल की 30 गाड़ियां आग बुझाने में जुटी, एक कर्मी बेहोश।

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। दल्लूपुरा गांव में अनियोजित क्षेत्र में रविवार दोपहर को 800 गज में बने लकड़ी के अवैध गाेदाम में भीषण आग लग गई। दस कर्मचारियों ने वक्त रहते बाहर भागकर अपनी जान बचाई। गोदाम में एक के बाद एक रखे चार एलपीजी सिलिंडर फटने से आग और भीषण हो गई।

आनन फानन आसपास के घरों से डेढ हजार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग से सैकड़ों लोगों का जीवन खतरे में पड़ गया। आग ज्यादा न भड़के लोगों ने अपने घरों से एलीपीजी सिलिंडर निकाल लिए। आग का धुआं नोएडा व साहिबाबाद पांच किलोमीटर दूर से नजर आ रहा था।

गोदाम में लकड़ी व पीवीसी और केमिकल की वजह से आग काबू नहीं आ पा रही है। दमकल की 30 गाड़ियां आग पर काबू पाने में जुटी हुई हैं। धुएं की वजह से लोगों का सांस लेना दुर्भर हो गया, आंखों में जलन होती रही।

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छह माह से टीन शेड में एक लकड़ी का अवैध गोदाम चल रहा

दल्लूपुरा गांव में 800 गज में छह माह से टीन शेड में एक लकड़ी का अवैध गोदाम चल रहा था। दमकल ने बताया कि रविवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे गोदाम में आग लगने की सूचना मिली। गाेदाम में करीब दस कर्मचारी काम करते हैं, वहीं पर रहते हैं और खाना भी बनाते हैं। गाेदाम में लकड़ी, पीवीसी व थिनर केमिकल रखा हुआ था।

सूचना मिलते ही दमकल की दस गाड़ियां भेजी गई और उसके बाद 20 गाड़ियां और भेजी गईं। लकड़ी, पीवीसी और केमिकल की वजह से दमकल को आग पर काबू पाने में दिक्कत आ रही है। सिलिंडर के फटने आग ज्यादा भड़की। साढ़े आठ बजे तक दमकल आग पर काबू पाने में जुटा था।

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दमकल का कहना है आग पर काबू पाने के बाद सर्च ऑपरेशन चलाकर देखा जाएगा गोदाम में कोई था तो नहीं। आग बुझाने के दौरान दमकल के स्टेशन अफसर बेहोश हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए पास के अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

गांव में अधिकतर किरायेदार रहते हैं, ताले तोड़कर निकाले गए सिलिंडर

गांव रिहायशी क्षेत्र है। आबादी के बीच यहां धड़ल्ले से अवैध गोदाम चल रहे हैं। जिस गोदाम में आग लगी है, उसके आसपास के अधिकतर मकान में किरायेदार रहते हैं। रविवार को छुट्टी होने की वजह से कई लोग बाहर गए हुए थे। गोदाम से लगे मकानों में बने कई कमरों के ताले पुलिस व सिविल डिफेंस वालंटियर ने तोड़े, उसमें रखे सिलिंडर निकाले। ताकि आग विकराल रूप न ले ले।

लोग अपना सामान लेकर सड़कों पर बैठे। जिस तरह की आग लगी है, उससे खतरा है। ऐसे में पुलिस रात को इन लोगों को उनके घर जाने की अनुमति नहीं दे सकती है। लोग सड़क पर रात गुजारने को मजबूर हैं। राहताक रहे हैं कब आग बुझेगी और वह अपने घरों को वापस लौटेंगे।

एक साल पहले भी गोदाम में लगी थी आग

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस गोदाम में कबाड़ का गोदाम चलता था। एक साल पहले उसमें आग लगी थी। इसके बाद कबाड़ का गोदाम बंद हो गया था। करीब छह माह पहले इसमें लकड़ी का गोदाम बनाया गया है। लोगों ने आरोप लगाया कि चंद रुपयों की लालच में लोगों के ीजीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है।

निगम, जनप्रतिनिधि व पुलिस की मिलीभगत से अवैध गोदाम गांव में चल रहे हैं। कार्रवाई की होती तो आग नहीं लगती। आरोप लगाया कि इस हादसे के बाद भी सरकारी विभागों की नींद नहीं टूटेगी।

मकान मालिक धर्मराज है। कैलाश व मनोज, दीपक गुप्ता ने किराये पर गोदाम लिया हुआ है। किसी की जान का नुकसान नहीं हुआ है। आग पर काबू पाने के बाद सर्च आपरेशन चलाया जाएगा। - राजीव कुमार, पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त

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