विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

फायरिंग और रंगदारी केस में लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर कसा शिकंजा, साकेत कोर्ट ने बरी आरोपितों को भेजा समन

Published: Mon, 23 Mar 2026 09:29 PM (IST)

राजधानी में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े रंगदारी और फायरिंग मामले में साकेत कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। राज्य ...और पढ़ें

लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े मामले में साकेत कोर्ट ने पहले बरी किए गए आरोपितों को नोटिस जारी किया।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े मामले में साकेत कोर्ट ने पहले बरी किए गए आरोपितों को नोटिस जारी किया।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में चर्चित रंगदारी और फायरिंग मामले में बड़ा कानूनी उलटफेर सामने आया है। गैंग्सटर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े मामले में साकेत कोर्ट ने पहले बरी किए गए आरोपितों को नोटिस जारी कर उन्हें दोबारा अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई राज्य सरकार की पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई।

मामले की शुरुआत थाना सनलाइट कॉलोनी में दर्ज दो एफआईआर से हुई थी। पहली एफआईआर 23 अप्रैल 2023 को व्यवसायी रमनदीप सिंह के घर पर हुई फायरिंग से जुड़ी है, जिसमें उन्हें डराने के लिए पांच राउंड गोलियां चलाई गई थीं। दूसरी एफआइआर में वाट्सएप के जरिये एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है, जिसकी जिम्मेदारी अनमोल बिश्नोई ने ली थी।

पूरे नेटवर्क को संचालित करने की साजिश रचने का आरोप

जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने इस हाई-प्रोफाइल गैंग के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया, जिनमें शूटर हरेन सरपदड़िया, आशीष शर्मा और दो किशोर शामिल थे। हथियार सप्लाई के आरोप में अक्षय बिश्नोई को पकड़ा गया था, जबकि गैंग के सरगना लारेंस बिश्नोई और संपत नेहरा पर जेल से पूरे नेटवर्क को संचालित करने की साजिश रचने का आरोप है।

रंगदारी से जुड़े केस में आरोपितों को बरी किया

ट्रायल कोर्ट ने पहले फायरिंग मामले में सुनवाई आगे बढ़ाई थी, लेकिन रंगदारी से जुड़े केस में आरोपितों को बरी कर दिया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए राज्य सरकार ने पुनरीक्षण याचिका दायर की थी। सोमवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विशाल सिंह की अदालत में सुनवाई हुई, जहां विशेष लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने दलीलें पेश कीं। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों का संज्ञान लेते हुए सभी आरोपितों को नोटिस जारी कर समन भेजने का आदेश दिया।

यह भी पढ़ें- दिल्ली HC ने कहा- समझौता अपराध से मुक्ति नहीं देता, लेकिन जमानत में महत्वपूर्ण; धोखाधड़ी आरोपी को मिली अग्रिम जमानत