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कौन संभाल रहा लॉरेंस विश्नोई का पूरा सिंडिकेट? 9 भरोसेमंद गुर्गों की लिस्ट आई सामने

Published: Tue, 20 Oct 2026 07:48 PM (IST)

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई इस समय गुजरात की साबरमती जेल के हाई-रिस्क सिक्योरिटी वार्ड में बंद हैं। इसके बाद भी विश्नोई ...और पढ़ें

लॉरेंस विश्नोई गिरोह के 9 गुर्गे संभाल रहे पूरा सिंडिकेट

लॉरेंस विश्नोई गिरोह के 9 गुर्गे संभाल रहे पूरा सिंडिकेट

HighLights

  1. लॉरेंस गिरोह के 9 गुर्गे विदेश से कर रहे संचालन।

  2. अनिल पंडित और रणदीप मलिक संभाल रहे मुख्य कमान।

  3. गिरोह का नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ।

राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के बाद एक बार फिर देश की सुरक्षा एजेंसियों और अंडरवर्ल्ड गलियारों में हलचल तेज हो गई है। हमले के कुछ ही देर बाद इस वारदात की जिम्मेदारी गैंगस्टर लॉरेंस गिरोह से जुड़े एसोसिएट अनिल पंडित ने ली और एक ऑडियो संदेश भी जारी किया।

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब लॉरेंस गुजरात की साबरमती जेल के हाई-रिस्क सिक्योरिटी वार्ड में बंद है और उसका भाई अनमोल भी इसी साल अमेरिका के कैलिफोर्निया से गिरफ्तार होकर सेंट्रल एजेंसियों के शिकंजे में भारत आ चुका है, तो आखिर इस खतरनाक क्राइम सिंडिकेट को कौन आपरेट कर रहा है?

लॉरेंस गैंग का सीक्रेट कैबिनेट

स्पेशल सेल द्वारा पिछले साल गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट में कहा गया था कि इस अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट की कमान विदेश में छिपे इसके 9 भरोसेमंद गुर्गों के हाथों में है।

ये गुर्गे अमेरिका, कनाडा और यूरोप के सुरक्षित ठिकानों से बैठकर डिजिटल माध्यमों द्वारा भारत में रंगदारी, टारगेट किलिंग और लाजिस्टिक्स आदि का पूरा नेटवर्क संभाल रहे हैं।

लॉरेंस गुजरात के साबरमती जेल और अनमोल तिहाड़ जेल में बंद है। अपनी गैर-मौजूदगी में इन्होंने गिरोह की कमान संभालने के लिए नाै गुर्गों की एक 'सीक्रेट कैबिनेट' बनाई है, जो विदेश में सुरक्षित ठिकानों से गिरोह को आपरेट कर रहे हैं।

लॉरेंस गैंग की कोर कमेटी में कौन?

लॉरेंस की कोर कमेटी में रणदीप मालिक, टाइसन बिश्नोई, अनिल पंडित, हैरी बॉक्सर, हरमन संधू, गोल्डी ढिल्लों, आरजू बिश्नोई, शुभम लोनकर और हिमांशु सोनीपत जैसे बदमाश शामिल हैं।

इनका काम गिरोह को लाजिस्टिक्स सपोर्ट मुहैया कराना, नए लड़कों की भर्ती करना और आपरेशनल अपडेट्स के स्क्रीनशाट आपस में शेयर करना है।

इनमें से भी आरजू बिश्नोई, शुभम लोनकर और रणदीप मलिक का एक अलग रणनीतिक धड़ा है, जो गिरोह के लिए मास्टर प्लान बनाने, फंडिंग जुटाने और नए टारगेट सेलेक्ट करने का काम करते हैं।

कौन है अनिल पंडित?

हरियाणा के पानीपत का रहने वाला अनिल पंडित, पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के एक साल बाद कनाडा के रास्ते अमेरिका फरार हो गया था। उसे भारत से विदेश भागने में लॉरेंस के ही खास गुर्गे रणदीप मलिक ने मदद की थी।

खुफिया सूत्रों के अनुसार, नवंबर 2025 से हरियाणा के गैंग्सटर रणदीप मलिक का दबदबा तेजी से बढ़ा, और उसी दौरान अनिल पंडित का नाम भी गिरोह की हर बड़ी जिम्मेदारी में सामने आने लगा।

इसके बाद, जनवरी 2026 से अनिल पंडित ने रणदीप मलिक के साथ मिलकर विदेशी धरती पर ट्रेनिंग ली और सिंडिकेट की कमान मजबूती से संभाल ली।

अनमोल की गिरफ्तारी के बाद मजबूत हुआ गैंग

अनमोल के गिरफ्तार होने के बाद, लॉरेंस का नेटवर्क कमजोर होने के बजाय और अधिक वैश्विक होता गया। अब भारत से लेकर विदेश तक इस क्राइम सिंडिकेट की कमान संयुक्त रूप से रणदीप मलिक, हैरी बाक्सर, आरजू बिश्नोई, अनिल पंडित, हरमन संधू और शुभम लोनकर संभाल रहे हैं।

लॉरेंस का जाल सिर्फ हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूुएसए, कैलिफोर्निया, पुर्तगाल, यूरोप, यूके, अजरबैजान और कनाडा तक फैला हुआ है। अनिल पंडित अब रणदीप मलिक के साथ मिलकर इसी ग्लोबल नेटवर्क को आपरेट कर रहा है।

अलर्ट मोड में सुरक्षा एजेंसी

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में हुए कई सनसनीखेज मामलों, हत्याओं और क्लबों पर हुए ग्रेनेड हमलों के पीछे भी रणदीप का हाथ रहा है। टाइगर श्रॉफ पर हुए इस हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां एक बार फिर अलर्ट मोड पर आ गई हैं और इसके हर गुर्गे के बारे में पता लगाना शुरू कर दिया है।

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