दुबई से लौटते ही पकड़ा गया लॉरेंस बिश्नोई का वकील, हथियार तस्कर के साथ कनेक्शन में दीपक खत्री अरेस्ट
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की कानूनी टीम के सदस्य दीपक खत्री को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल ...और पढ़ें

लॉरेंस बिश्नोई का साथी दीपक खत्री गिरफ्तार। फोटो: आर्काइव
HighLights
लॉरेंस बिश्नोई का साथी दीपक खत्री IGI एयरपोर्ट से गिरफ्तार
हथियार तस्करी रैकेट से संबंध और गैंगस्टरों से जुड़ाव का आरोप
लुक आउट सर्कुलर के बाद दुबई से दिल्ली पहुंचने पर दबोचा गया
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गैंग्सटर लारेंस बिश्नोई की कानूनी टीम के सदस्य दीपक खत्री को हथियार सप्लायर्स के साथ संबंधों के आरोप में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है।
आरोपित खत्री के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया था और उस पर गैंग्सटरों के बीच कड़ी का काम करने का आरोप है। उसे एयरपोर्ट पर तब पकड़ा गया जब वह दुबई से दिल्ली पहुंचा था।
क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, आरोपित दीपक खत्री को क्राइम ब्रांच द्वारा भंडाफोड़ किए गए हथियारों की तस्करी के रैकेट की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया।
इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए तस्करों में शहबाज अंसारी भी शामिल था। पुलिस को उस रैकेट के साथ खत्री के कुछ संबंध मिले हैं। उसे कोर्ट में पेश किया गया और पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया।
हनुमान मंदिर में खत्री पर हुआ था हमला
मामाजी के नाम से प्रसिद्ध खत्री और उसके साथियों पर उत्तरी दिल्ली के यमुना बाजार स्थित हनुमान मंदिर में हमला हुआ था। हमले में बाल-बाल बचे खत्री ने आरोप लगाया था कि फायरिंग के पीछे रोहित गोदारा गैंग के सदस्य थे।
दरअसल, 24 फरवरी को खत्री अपने दोस्तों ऋषभ कपूर, विकास शर्मा, उमेश और संदीप के साथ कश्मीरी गेट स्थित एक मंदिर गया था। रात करीब 10 बजे, जब वे मंदिर से निकले और खत्री की कार में बैठे, तो उन्होंने रिंग रोड पर एक शेल्टर होम के पास गोली चलने की आवाज सुनी।
संदीप ने उन्हें बताया कि उसे गोली लगी है। इसके बाद खत्री ने देखा कि दो-तीन युवक मोटरसाइकिल पर उनकी कार का पीछा कर रहे थे। वह कार भगा ले गया और सिविल लाइंस में एक होटल के पास रुका, जहां उसने पुलिस को घटना की जानकारी दी।
रोहित सोलंकी और सागर मलिक ने किया था हमला
जांच के दौरान पुलिस ने हमलावरों की पहचान रोहित सोलंकी और सागर मलिक के तौर पर की। पुलिस ने बताया कि सोलंकी ने खत्री को निशाना बनाने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर साजिश रची थी।
जांचकर्ताओं के अनुसार, देहरादून में पहले की गई एक कोशिश नाकाम हो गई थी क्योंकि शूटर खत्री का पता नहीं लगा पाए थे। पुलिस ने आगे बताया कि सोलंकी और दो शूटरों ने फायरिंग से करीब एक हफ्ते पहले मंदिर इलाके की रेकी की थी। हमले के दिन, गोलीबारी शुरू होने से पहले सोलंकी ने शूटरों को खत्री की पहचान कराई थी।
गैंग्सटर नवीन बाक्सर ने ली थी हमले की जिम्मेदारी
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद सोलंकी ने दुबई भागने की कोशिश की लेकिन भाग नहीं सका। पुलिस के मुताबिक, इससे पहले गैंग्सटर नवीन बाक्सर ने इंटरनेट मीडिया पोस्ट में हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था।
जांच करने वाले यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या यह हमला गैंग्सटर्स के साथ उसके संबंधों से जुड़ा था और किन हालात में गोलीबारी हुई।
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