कूचा घासीराम में हवाला कारोबार बना लुटेरों का नया ठिकाना
पुरानी दिल्ली के कूचा घासीराम में हवाला कारोबार और मोटी नकदी की आवाजाही के कारण लूटपाट की वारदातें बढ़ गई हैं।

कूचा घासीराम में हवाला कारोबार बना लुटेरों का नया ठिकाना ( एआई जेनरेटेज इमेज )
HighLights
कूचा घासीराम में हवाला कारोबार के कारण लूटपाट बढ़ी।
बदमाश मोटी नकदी की आवाजाही पर रखते हैं नजर।
पुलिस के लिए हवाला से जुड़ी लूट सुलझाना चुनौती।
मोहम्मद साकिब, नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित कूचा घासीराम में कारोबारियों व उनके कर्मचारियों के साथ लूटपाट की वारदातों के पीछे मोटी नकदी की आवाजाही एक अहम कारण है।
इस इलाके में चल रहे हवाला कारोबार के चलते बड़ी रकम लेकर आने-जाने वाले लोग बदमाशों के निशाने पर रहते हैं।
आए दिन होती है लूटपाट की वारदात
ऐसे में कारोबार से जुड़े लोगों की नकदी की आवाजाही और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने वाले बदमाश वारदात को अंजाम देने का मौका तलाशते हैं। यही वजह है कि आए दिन यहां आए दिन लूटपाट की वारदातें होती रहती हैं।
कूचा घासीराम और आसपास का इलाका लंबे समय से व्यापारिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। यहां कारोबार के सिलसिले में बड़ी रकम का लेन-देन होना आम बात है।
यदि किसी व्यक्ति के पास नकदी होने की जानकारी बदमाशों तक पहुंच जाती है, तो उसके बाजार से निकलने या सुनसान रास्ते पर पहुंचने के दौरान लूटपाट का खतरा रहता है।
कैसे होता है हवाला का लेनदेन
कूचा घासीराम में देशभर के व्यापारियों का हवाला के जरिये पैसा आता है। यहां रकम भेजने वाले और उस रकम को प्राप्त करने वालों की पहचान के लिए फटे नोट के नंबर से मिलान किया जाता है।
आधा नोट रकम भेजने वाले के पास होता है और उसी का फटा हुआ दूसरा आधा हिस्सा प्राप्त करने वाले के पास होता है। जब दोनों नंबरों का मिलान होता है तो इसकी पुष्टि होकर रकम थमा दी जाती है।
लूटपाट पर अंकुश लगाना पुलिस के लिए चुनौती
वहीं, पुलिस के सामने भी ऐसे मामलों में बदमाशों की पहचान करने के साथ यह पता लगाने की चुनौती रहती है कि उन्हें पीड़ित के पास मौजूद रकम की जानकारी कैसे मिली। हालांकि, इस तरह की लूटपाट के लगभग सभी मामले सुलझा लिए जाते हैं। लेकिन, लूटपाट के कई मामले हवाला कारोबार से जुड़ा होने के चलते दर्ज भी नहीं हो पाते हैं।
इस तरह के मामले सुलझाने के लिए पुलिस पहले कारोबारियों के कर्मचारियों की मिलीभगत की जांच के साथ बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, संदिग्धों की गतिविधियों और वारदात से पहले और बाद के घटनाक्रम की जांच करती है।
कूचा घासीराम से जुड़े लूटपाट के मामले
7 सितंबर 2026 : नेताजी सुभाष मार्ग पर स्कूटर से जा रहे एक व्यक्ति से मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने डेढ़ करोड़ रुपये लूट लिए। पीड़ित कूचा घासीराम से नकदी लेकर निकला था।
10 जून 2026 : रियल एस्टेट कंपनी के दो कर्मचारियों से जखीरा फ्लाईओवार पर मोटरसाइकिल बदमाशों ने डेढ़ करोड़ रुपये लूट लिए। रकम कूचा घासीराम स्थित कारोबारी प्रतिष्ठान तक पहुंचाई जानी थी।
26 मई 2026 : मनी ट्रांसफर एजेंट के कर्मचारी ने फतेहपुरी के पास कूचा घासीराम पहुंचाने के लिए दिए गए 54.5 लाख रुपये लूटने की शिकायत की। पुलिस जांच में उसे ही साजिशकर्ता बताते हुए 48 घंटे में छह आरोपितों को गिरफ्तार कर 50 लाख रुपये बरामद किए।
31 मई 2025 : कूचा घासीराम स्थित कारोबारी के कार्यालय में घुसे बदमाशों ने पीड़ित को टेप और रस्सी से बांधा और अलमारी में रखी 26 लाख नकदी लेकर फरार हो गए। मामले में चार आरोपित गिरफ्तार।
5 अक्टूबर 2024 : कूचा घासीराम से आठ लाख रुपये लेकर पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे एजेंट को गांधी पार्क के पास लूटा गया। मामले में चार आरोपित गिरफ्तार।
26 सितंबर 2024 : गुलाबी बाग इलाके में कारोबारी और उसके कर्मचारी से लगभग चार किलोग्राम सोने के आभूषण लूटे गए। जांच में कूचा घासीराम के एक कारोबारी समेत दो गिरफ्तार।
20 जून 2024 : कूचा घासीराम से नकदी लेकर पटेल नगर की ओर जा रहे कलेक्शन एजेंट से डीसीएम रोड पर बंदूक की नोक पर 10 लाख रुपये की लूट। मामले में तीन आरोपित गिरफ्तार।
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