दिल्ली में 12वीं की छात्रा की मौत पर बहन बोली- 'सुबह बहुत खुश थी, बर्थडे पार्टी की थी तैयारी'; सुलग रहे सवाल
पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर में 12वीं की छात्रा ने स्कूल में खुद को आग लगाकर जान दे दी। तीन ...और पढ़ें

स्कूल के बाहर खड़े छात्रों के परिजन। जागरण
HighLights
कृष्णा नगर में 12वीं की छात्रा ने की आत्महत्या।
तीन दिन बाद था छात्रा का 18वां जन्मदिन।
सुसाइड नोट में प्रेम संबंध और अपेक्षाओं का जिक्र।
सौरभ पांडेय, पूर्वी दिल्ली। कृष्णा नगर के स्कूल में 12वीं के कला संकाय में पढ़ने वाली छात्रा से ऐसे उम्मीद किसी को न थी वह इतना बड़ा कदम उठा लेगी। चार वर्ष बड़ी बहन को विश्वास ही नहीं हो रहा कि उसकी बहन अब इस दुनिया में नहीं रही।
बहन ने बताया कि सुबह उन्होंने ही छात्रा को स्कूल छोड़ा था और वह बहुत खुश थी। उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि स्कूल के गेट के पास ही घटना हुई और वहां गार्ड तैनात रहता है। ऐसे में उसने बहन को रोका क्यों नहीं?
क्लास से जो पास लेकर आई थी वह भी कुछ दूरी पर एक साइकिल पर रखा था, ऐसे में वह वहां कैसे पहुंचा। उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
तीन दिन बाद ही आने वाला था बर्थडे
बहन के अनुसार, तीन दिन बाद 28 अक्टूबर को छात्रा की जन्मतिथि है। वह अपने 18 साल के होने की खुशी में साथी छात्राओं के साथ पार्टी करना चाहती थी और उसने उनसे वादा भी किया था। ऐसे में कोई यह सोच भी नहीं सकता कि वह अचानक ऐसा कदम उठा लेगी।
पड़ोस में रहने वाली छात्रा ने बताया कि वह उसके साथ ही पढ़ती थी और पढ़ाई में अच्छी थी। वह अपना खुद का मोबाइल भी नहीं रखती थी और कहती थी कि इससे समय बर्बाद होता है।
अपने दोस्तों से बात करने के लिए वह भाई अथवा बहन का फोन उपयोग करती थी। छात्रा यहां अपने तीन भाई, बड़ी बहन और दो भाभियों के साथ रहती थी। दोनों भाई कपड़ा सिलाई का काम करते हैं।
छात्रा को डर था कि परिवार प्रेम का विरोध करेगा
पुलिस के अनुसार छात्रा के बैग से लाइटर समेत कुछ अन्य सामान भी मिला है। तीन पन्नों के सुसाइड नोट में माता-पिता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाने का जिक्र तो है ही, साथ ही लिखा कि वह पूरे परिवार से प्यार करती है। नोट में एक लड़के का नाम लिखते हुए छात्रा ने लिखा है कि वह उसे प्यार करती है। ऐसे में पुलिस ने शक जताया कि छात्रा को डर था कि परिवार लड़के का विरोध करेगा, इसके चलते उसने ऐसा कदम उठाया।
मनोचिकित्सक बोले, बात करना जरूरी
मनोचिकित्सक डाॅ. हिमांशु पांडेय ने बताया कि वर्तमान समय में माता-पिता और बड़े भाई बहन को चाहिए कि वह छोटों के साथ खुलकर बात करें। छोटे भाई बहनों को भी चाहिए कि वे बड़ों के साथ अपने दिल की बात शेयर करें। कोई भी घातक कदम उठाने से पहले उसके परिणाम के बारे में जरूर सोचें। बातचीत करने से हर समस्या का हल निकल सकता है।
