दिल्ली को मिलेगा 66.16 MGD अतिरिक्त पानी, किशाऊ परियोजना से दूर होगी राजधानी की Water Crisis
किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर हुए समझौते से दिल्ली को 66.16 एमजीडी अतिरिक्त पानी मिलेगा, जिससे राजधानी की जल संकट की समस्या दूर होगी।

HighLights
दिल्ली को किशाऊ परियोजना से मिलेगा 66.16 एमजीडी अतिरिक्त पानी।
राजधानी के जल संकट को दूर करने में मिलेगी बड़ी मदद।
यमुना नदी में पर्यावरणीय जलप्रवाह को बेहतर बनाने में सहायक।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर बहने वाली टोंस नदी पर बनने वाली किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर छह राज्यों के बीच समझौता होना दिल्ली के लिए लाभदायक है।
राजधानी में लगभग 1250 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) पानी की आवश्यकता है। इसकी तुलना में लगभग एक हजार एमजीडी पानी उपलब्ध है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बनने वाली किशाऊ, रेणुकाजी और लखवार बांध परियोजनाओं से इस कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।
जलप्रवाह को बेहतर करने में मदद मिलेगी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि किशाऊ परियोजना के समझौते से दिल्ली को 109.9 मिलियन क्यूबिक मीटर (66.16 एमजीडी) पानी मिल सकेगा, जिससे राजधानी की पेयजल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही यमुना नदी में पर्यावरण के लिए जरूरी जलप्रवाह को बेहतर करने में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पानी की कमी दिल्ली की बड़ी चुनौतियों में से एक है। किशाऊ परियोजना के आगे बढ़ने से दिल्ली की जल सुरक्षा मजबूत होगी और कम पानी वाले समय में राजधानी को अतिरिक्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।
इससे यमुना नदी में पर्यावरण के लिए जरूरी जलप्रवाह को बेहतर करने में भी मदद मिलेगी, जो यमुना के पुनर्जीवन और पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।
राज्यों की सहमति से हो रहे समाधान
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई दिल्ली सरकार के मंत्रिपरिषद की बैठक में इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के प्रति धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया।
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान की सरकारों को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार वर्षों से लंबित महत्वपूर्ण विषयों का समाधान संवाद और राज्यों की सहमति के माध्यम से कर रही है। किशाऊ परियोजना भी इसी सहयोगात्मक दृष्टिकोण का उदाहरण है।
दिल्ली सरकार के प्रयासों को मिलेगा बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना ऊपरी यमुना बेसिन की महत्वपूर्ण जल भंडारण परियोजनाओं में से एक है। मानसून के दौरान उपलब्ध पानी का भंडारण कर उसे जरूरत के अनुसार नियंत्रित तरीके से उपलब्ध कराया जा सकेगा।
इससे ऊपरी यमुना बेसिन के राज्यों को पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। दिल्ली में पानी की कमी दूर करने के साथ ही भूजल के पुनर्भरण और जल संरक्षण के लिए दिल्ली सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को भी बल मिलेगा।
