राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : स्वराज इंडिया एवं जय किसान आदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को दिल्ली के चौराहों व फ्लाईओवर पर किसानों के पुतले लटकाकर सरकार की नीतियों का विरोध किया। स्वराज अभियान के अगुवा योगेंद्र यादव ने कहा कि पिछले 10 वषरें में भारत के किसानों द्वारा अनाज की पैदावार में 1.5 गुना की वृद्धि की गई है, लेकिन इसी अवधि में 1.5 लाख किसानों ने आत्महत्या भी की है। उन्होंने बताया कि देश भर के 180 से अधिक संगठनों ने एक समन्वय समिति की स्थापना की है, जिसने किसानों के हित में कार्य करने का बीड़ा उठाया है। दिल्ली में रहने वाले लोगों को किसानों की दुर्दशा से परिचित कराने के लिए बृहस्पतिवार सुबह समिति के सदस्यों ने आइटीओ चौराहे के पास फ्लाईओवर पर फांसी लगाए हुए किसानों के तीन पुतले लटकाए। उन्होंने कहा कि देश में किसानों की दुर्दशा से शहरी लोगों को परिचित कराने का इससे बेहतर मार्ग शायद ही हो, लेकिन सरकारों को यह भी नागवार गुजरा। थोड़ी ही देर में पुलिस भेजकर सदस्यों को गिरफ्तार करवा दिया गया। हालांकि देर शाम उन्हें थाने से रिहा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने दिल्ली में 20 नवंबर को किसान मुक्ति संसद का आयोजन किया है। इसमें देशभर से किसान शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि आज की खेती से किसान अपने परिवार के लिए न्यूनतम साधन भी नहीं जुटा सकता। खेती में खर्चा बढ़ने के बावजूद भी न्यूनतम समर्थन मूल्य में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।

Posted By: Jagran