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किराड़ी में जलभराव से मिलेगी मुक्ति, 263 करोड़ की लागत से बनेगी साढ़े चार किमी लंबी ड्रेन

Published: Tue, 06 Oct 2026 11:55 PM (GMT+05:30)

किराड़ी विधानसभा क्षेत्र में जलजमाव की गंभीर समस्या को हल करने के लिए रेलवे लाइन के साथ 4.5 किलोमीटर लंबी ...और पढ़ें

रेखा गुप्ता।

रेखा गुप्ता।

HighLights

  1. किराड़ी में 4.5 किलोमीटर लंबी नई ड्रेन का निर्माण होगा।

  2. परियोजना पर 263.45 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

  3. दिसंबर 2027 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। किराड़ी विधानसभा में जलजमाव की समस्या हल करने के लिए रेलवे लाइन के साथ करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबी नई ड्रेन का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में इसके निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना पर 263.45 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने परियोजना को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार के प्रयास के चलते रेलवे ने भी इस परियोजना को स्वीकृति दी है। किराड़ी क्षेत्र की भूगोलिक स्थिति और तेजी से हुए अनियोजित निर्माण के कारण यहां वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर रहती है। अब इस समस्या का समाधान किया जाएगा।

अनधिकृत कॉलोनियों को प्रस्तावित ड्रेन से जल निकासी की सुविधा

पिछली सरकारों ने इस क्षेत्र में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित गंभीरता से काम नहीं किया, लेकिन हमारी सरकार ने इसे प्राथमिकता देते हुए परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। इस परियोजना से किराड़ी विधानसभा क्षेत्र के साथ ही मुंडका, बवाना और नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा। किराड़ी विधानसभा क्षेत्र की करीब 70 अनधिकृत कॉलोनियों को प्रस्तावित ड्रेन से जल निकासी की सुविधा मिलेगी।

मुंडका विधानसभा क्षेत्र में रानीखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र, वेणु एन्क्लेव सहित रतन पार्क, राजधानी पार्क, जेजे क्लस्टर कालोनी, राजेंद्र पार्क एक्सटेंशन, राम नगर, कुंवर सिंह नगर और निलोठी गांव सहित अन्य अनधिकृत कॉलोनियों के लोगों की समस्या दूर होगी। वहीं, बवाना विधानसभा क्षेत्र में रोहिणी सेक्टर-20, 21 और 22 और नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्र में जेजे क्लस्टर नांगलोई, अध्यापक नगर और शिवराम पार्क आदि क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या का लाभ मिलेगा।

प्रस्तावित ड्रेन रेलवे लाइन के साथ बनाई जाएगी

दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य ऐसी परियोजनाओं को प्राथमिकता देना है, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिले और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का स्थायी समाधान भी हो। प्रस्तावित ड्रेन रेलवे लाइन के साथ बनाई जाएगी और इसका क्षमता 760 क्यूसेक रखा गया है। लगभग 4.5 किलोमीटर लंबी यह ड्रेन मुंडका हाल्ट स्टेशन से शुरू होकर सप्लीमेंटरी ड्रेन में जाकर मिलेगी।

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