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'CEC ज्ञानेश कुमार पर चले राष्ट्रद्रोह का केस', अरविंद केजरीवाल का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला; मांगा इस्तीफा

Published: Wed, 23 Sep 2026 02:59 PM (IST)

अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है और उन पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा ...और पढ़ें

HighLights

  1. केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की

  2. चुनाव आयोग पर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया

  3. पिछले चुनावों को रद्द कर दोबारा कराने की मांग की केजरीवाल ने

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा है।

उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग तक कर दी।

केजरीवाल ने पिछले कुछ वर्षों में हुए चुनावों को रद कर दोबारा कराने और चुनावी मतदाता सूची में पिछले तीन वर्षों में किए गए सभी बदलावों को निरस्त करने की भी मांग की।

केजरीवाल की यह प्रतिक्रिया एक रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें चुनाव आयोग के दो सदस्यों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से सीईसी ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में लिए गए फैसलों पर बार-बार आपत्ति जताए जाने का दावा किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज की।

ज्ञानेश कुमार अकेले चला रहे आयोग

केजरीवाल बुधवार को प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त के अलावा दो चुनाव आयुक्त होते हैं और सभी मिलकर सर्वसम्मति या बहुमत से फैसला लेते हैं, लेकिन ज्ञानेश कुमार अकेले आयोग चला रहे हैं और अधिकारियों को अपने हिसाब से आदेश दे रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने कई बार मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर कहा कि आयोग की मंजूरी के बिना आदेश जारी किए जा रहे हैं। केजरीवाल ने ऐसे सभी आदेशों को गैरकानूनी बताते हुए उनकी समीक्षा की मांग की।

13 करोड़ नाम हटाने का लगाया आरोप

केजरीवाल ने दावा किया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। उन्होंने पूरी SIR प्रक्रिया को रद करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि SIR के तहत 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ड्राफ्ट मतदाता सूची से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए हैं। केजरीवाल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में मतदाता सूची में किए गए सभी बदलावों को खारिज कर तीन साल पुरानी मतदाता सूची बहाल की जानी चाहिए।

ERO की पावर छीनने का आरोप

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने का अधिकार संबंधित क्षेत्र के Electoral Registration Officer (ERO) के पास होता है।

उन्होंने दावा किया कि वेबसाइट के जरिये ERO की एक्सेस सीमित कर उनकी शक्तियां कम कर दी गई हैं और दिल्ली में बैठे कुछ लोगों को देशभर की मतदाता सूची तक पहुंच दी गई है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में भी दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से मतदाता सूची के डेटा तक पहुंच के केंद्रीकरण और ERO की भूमिका सीमित होने को लेकर सवाल उठाए जाने की बात कही गई है।

पिछले चुनाव रद करने की मांग

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कथित तौर पर वोटों की चोरी के जरिए चुनाव जीत रहे हैं और उन्होंने ज्ञानेश कुमार को इसका जिम्मेदार बताया।

उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए, उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाए और पिछले कुछ वर्षों में हुए चुनाव रद कर दोबारा कराए जाएं।

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