'CEC ज्ञानेश कुमार पर चले राष्ट्रद्रोह का केस', अरविंद केजरीवाल का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला; मांगा इस्तीफा
अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है और उन पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा ...और पढ़ें
HighLights
केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की
चुनाव आयोग पर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया
पिछले चुनावों को रद्द कर दोबारा कराने की मांग की केजरीवाल ने
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा है।
उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग तक कर दी।
केजरीवाल ने पिछले कुछ वर्षों में हुए चुनावों को रद कर दोबारा कराने और चुनावी मतदाता सूची में पिछले तीन वर्षों में किए गए सभी बदलावों को निरस्त करने की भी मांग की।
केजरीवाल की यह प्रतिक्रिया एक रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें चुनाव आयोग के दो सदस्यों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से सीईसी ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में लिए गए फैसलों पर बार-बार आपत्ति जताए जाने का दावा किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज की।
चुनाव आयोग में एक मुख्य चुनाव आयुक्त और दो सदस्य होते हैं, जो मिलकर या तो सर्वसम्मति से फैसला लेते हैं या बहुमत से। लेकिन ज्ञानेश कुमार अकेले चुनाव आयोग चला रहे हैं और अफसरों को अपने मनमुताबिक आदेश दे रहे हैं।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September 23, 2026
बाकी दोनों चुनाव आयुक्तों ने बार-बार मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र… pic.twitter.com/oLGmzxEWVZ
ज्ञानेश कुमार अकेले चला रहे आयोग
केजरीवाल बुधवार को प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त के अलावा दो चुनाव आयुक्त होते हैं और सभी मिलकर सर्वसम्मति या बहुमत से फैसला लेते हैं, लेकिन ज्ञानेश कुमार अकेले आयोग चला रहे हैं और अधिकारियों को अपने हिसाब से आदेश दे रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने कई बार मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर कहा कि आयोग की मंजूरी के बिना आदेश जारी किए जा रहे हैं। केजरीवाल ने ऐसे सभी आदेशों को गैरकानूनी बताते हुए उनकी समीक्षा की मांग की।
13 करोड़ नाम हटाने का लगाया आरोप
केजरीवाल ने दावा किया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। उन्होंने पूरी SIR प्रक्रिया को रद करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि SIR के तहत 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ड्राफ्ट मतदाता सूची से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए हैं। केजरीवाल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में मतदाता सूची में किए गए सभी बदलावों को खारिज कर तीन साल पुरानी मतदाता सूची बहाल की जानी चाहिए।
सिर्फ इलाके के ERO को वोट add या delete करने का अधिकार होता है। दोनों चुनाव आयुक्तों का आरोप है कि वेबसाइट से ही ERO की access रिस्ट्रिक्ट करके उसकी पावर छीन ली गई है।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September 23, 2026
दिल्ली में बैठे कुछ लोगों के पास पूरे देश की वोटर लिस्ट की access है.. जिसकी मर्जी चाहे वोट जोड़ सकते हैं और… pic.twitter.com/0n24oQtvkQ
ERO की पावर छीनने का आरोप
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने का अधिकार संबंधित क्षेत्र के Electoral Registration Officer (ERO) के पास होता है।
उन्होंने दावा किया कि वेबसाइट के जरिये ERO की एक्सेस सीमित कर उनकी शक्तियां कम कर दी गई हैं और दिल्ली में बैठे कुछ लोगों को देशभर की मतदाता सूची तक पहुंच दी गई है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में भी दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से मतदाता सूची के डेटा तक पहुंच के केंद्रीकरण और ERO की भूमिका सीमित होने को लेकर सवाल उठाए जाने की बात कही गई है।
पिछले चुनाव रद करने की मांग
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कथित तौर पर वोटों की चोरी के जरिए चुनाव जीत रहे हैं और उन्होंने ज्ञानेश कुमार को इसका जिम्मेदार बताया।
उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए, उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाए और पिछले कुछ वर्षों में हुए चुनाव रद कर दोबारा कराए जाएं।
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