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'हमें एंटी-नेशनल साबित करने की कोशिशें हो रहीं', CJP प्रवक्ता सौरभ दास का दिल्ली पुलिस को लेकर बड़ा दावा

Published: Wed, 23 Sep 2026 02:30 PM (IST)

कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया है कि वह उन्हें और उनके ...और पढ़ें

सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फोटो: आर्काइव

सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. सौरभ दास ने दिल्ली पुलिस पर 'एंटी-नेशनल' साबित करने का आरोप लगाया

  2. पुलिस पर डीपफेक, AI और एडिटेड चैट के इस्तेमाल का आरोप

  3. दास ने पुलिस को माफियाओं की जांच पर ध्यान देने की सलाह दी

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास ने दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस अभी भी उन्हें और उनके साथियों की जांच में जुटी है।

किसी तरह उन्हें और उनके साथियों को ‘एंटी नेशनल’ की कहानी में फिट करने की कोशिश कर रही है। सौरभ दास ने दावा किया कि इसके लिए डीपफेक, एआई और एडिटेड चैट जैसी चीजों का सहारा लिया जा रहा है। सौरभ दास ने सोशल मीडिया X पर अपनी पोस्ट में कहा कि उन्हें यह जानकारी विश्वसनीय सूत्रों से मिली है।

इसके साथ ही दास ने कहा कि पुलिस को याद दिलाते हुए कहा कि प्रदर्शन से जुड़े मामलों में प्रदर्शनकारियों को स्थायी प्रतिरक्षा (Immunity) मिल चुकी है।

पुलिस मैनुअल पर भी उठाए सवाल

सीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि अगर पुलिस के पास उनके, प्रदर्शन या सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़े कोई सवाल हैं तो उन्हें और उनके दो साथियों दीपके और आशुतोष को बुलाकर पूछताछ की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि तीनों खुद नए पुलिस आयुक्त के कार्यालय पहुंचकर पूछताछ में शामिल होने को तैयार हैं। उनके मुताबिक, ऐसा करने पर किसी डीपफेक की जरूरत नहीं पड़ेगी और ‘ओरिजिनल’ लोग खुद सामने होंगे।

पुलिस को माफिया की जांच की सलाह

सौरभ दास ने दिल्ली पुलिस पर तंज कसते हुए पीजी माफिया, अस्पताल माफिया और शिक्षा माफिया की जांच करने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस को इन मामलों पर ध्यान देना चाहिए, न कि उनके खिलाफ कथित तौर पर कहानी तैयार करने में सरकारी धन खर्च करना चाहिए।

अमित शाह को लेकर किया दावा

सौरभ दास ने अपने पोस्ट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि संसद मार्च से कुछ दिन पहले अमित शाह की ओर से गृह सचिव और तत्कालीन पुलिस आयुक्त को कुछ निर्देश दिए गए थे, जिन्हें दोनों अधिकारियों ने लागू करने से इनकार कर दिया था और इसके बाद पुलिस आयुक्त को हटा दिया गया था।

हालांकि, अपने पोस्ट में उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज या अन्य प्रमाण साझा नहीं किया है।

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