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देवी-देवताओं के अपमान पर निशू आजाद की बढ़ेंगी मुश्किलें? FIR की मांग पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मांगा जवाब

Published: Wed, 23 Sep 2026 12:56 PM (IST)

पटियाला हाउस कोर्ट ने हिंदू देवी-देवताओं से जुड़े आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट मामले में निशु आजाद और उनके पिता संजय ...और पढ़ें

नीशू और संजय आजाद पर एफआईआर दर्ज करने की मांग। फोटो: आर्काइव

नीशू और संजय आजाद पर एफआईआर दर्ज करने की मांग। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा

  2. निशु आजाद और पिता संजय आजाद के खिलाफ याचिका

  3. हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट का मामला

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने हिंदू देवी-देवताओं से जुड़े आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में निशु आजाद और उनके पिता संजय आजाद के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है।

याचिका में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर आपत्ति जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है।

FIR की मांग वाली याचिका पर सुनवाई

याचिकाकर्ता वकील अमिता सचदेवा ने दिल्ली पुलिस में शिकायत के बाद पटियाला हाउस कोर्ट का रुख किया था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि निशु आजाद के सोशल मीडिया अकाउंट से भगवान शिव, भगवान श्रीकृष्ण, मां सरस्वती और मां दुर्गा से जुड़े आपत्तिजनक पोस्ट किए गए।

याचिकाकर्ता ने 5 सितंबर को नई दिल्ली जिला साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत देकर FIR दर्ज करने की मांग की थी। पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद अदालत में याचिका दाखिल की गई।

इन धाराओं में कार्रवाई की मांग

याचिका में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 299 समेत सूचना प्रौद्योगिकी कानून की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।

धारा 196 विभिन्न समूहों के बीच धर्म के आधार पर दुश्मनी बढ़ाने से संबंधित है, जबकि धारा 299 धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित प्रावधान से जुड़ी है।

याचिका में BNS की धारा 353 का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, किन धाराओं के तहत कार्रवाई होगी, यह जांच और अदालत की आगे की कार्यवाही पर निर्भर करेगा।

डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग

याचिका में सोशल मीडिया पोस्ट और उनसे जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है। इसमें सोशल मीडिया मंचों के रिकॉर्ड, आईपी लॉग और अन्य संबंधित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग शामिल है।

अब अदालत ने दिल्ली पुलिस से याचिका पर जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई 23 सितंबर 2026 को पटियाला हाउस कोर्ट के मुख्य महानगर दंडाधिकारी के समक्ष सूचीबद्ध है।

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