एलपीजी संकट पर केजरीवाल का हमला, कहा- होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर, 1 करोड़ लोगों की नौकरी पर खतरा
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर एलपीजी संकट को लेकर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि गैस सिलेंडर ...और पढ़ें
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एलपीजी संकट पर केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला।
HighLights
एलपीजी संकट से होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर।
केजरीवाल ने एक करोड़ नौकरियों पर खतरे की आशंका जताई।
ईरान-इजराइल तनाव और विदेश नीति पर भी उठाए सवाल।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेसवार्ता कर केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की लचर नीति के कारण देश भर में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर गंभीर समस्याएं खड़ी हो रही हैं।
केजरीवाल ने कहा कि कई जगहों पर होटल और रेस्टोरेंट को एलपीजी गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और कई प्रतिष्ठान बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
एक करोड़ लोगों की नौकरी पर खतरे की आशंका
केजरीवाल ने दावा किया कि अगर यही स्थिति बनी रही तो देश भर में करीब एक करोड़ लोगों के बेरोजगार होने का खतरा पैदा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार ने एलपीजी गैस के दाम काफी बढ़ा दिए हैं और दूसरी तरफ कमर्शल गतिविधियों के लिए गैस की उपलब्धता भी कम कर दी है। इससे होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट कारोबार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
ईरान-इजराइल तनाव को बताया वजह
प्रेसवार्ता में केजरीवाल ने कहा कि मौजूदा स्थिति की एक वजह अंतरराष्ट्रीय हालात भी हैं। उनके मुताबिक, ईरान ने अपनी सीमा से जहाजों के आवागमन पर रोक लगा दी है, जिससे गैस आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
विदेश नीति को लेकर भी उठाए सवाल
केजरीवाल ने कहा कि पिछले 75 वर्षों में भारत की विदेश नीति यह रही है कि युद्ध की स्थिति में देश ने किसी भी पक्ष का खुलकर समर्थन नहीं किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान और इजराइल के बीच युद्ध शुरू होने से एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजराइल दौरा हुआ, जिससे ईरान को भारत के रुख को लेकर गलत संदेश गया।
अमेरिका के साथ खड़े होने का आरोप
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अमेरिका के सामने नतमस्तक हैं और मौजूदा युद्ध में इजराइल और अमेरिका का साथ दे रहे हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि विदेश नीति में संतुलन बनाए रखते हुए एलपीजी आपूर्ति को जल्द सामान्य किया जाए, ताकि देश में कारोबार और रोजगार प्रभावित न हो।
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