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ओडिशा में 1 महीने से बंद है कलिंगा घाट, भूस्खलन से बिगड़े हालात; अब IIT दिल्ली की टीम निकालेगी समाधान 

Published: Mon, 26 Oct 2026 08:52 PM (IST)

राष्ट्रीय राजमार्ग-157 पर कालिंगा घाट भूस्खलन के कारण एक महीने से बंद है, जिससे स्थानीय जनजीवन और कारोबार प्रभावित हुए ...और पढ़ें

ओडिशा में कलिंगा घाट का हाइवे भूस्खलन की वजह से एक महीने से बंद है। फोटो: आर्काइव

ओडिशा में कलिंगा घाट का हाइवे भूस्खलन की वजह से एक महीने से बंद है। फोटो: आर्काइव

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ओडिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग-157 पर कालिंगा घाट एक महीने से बंद होने के कारण कंधमाल और गंजाम जिलों की सीमा पर जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।

जरूरी सामान की कीमतें बढ़ने के साथ ही सड़क किनारे कारोबार करने वाले सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। यातायात बंद होने से यात्रियों और मालवाहक वाहनों को करीब 50 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

लोगों के बढ़ते आक्रोश के बीच रविवार को आईआईटी दिल्ली के तीन विशेषज्ञों की टीम ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थायी समाधान की संभावनाएं तलाशीं।

लगातार बारिश के बाद हुए भूस्खलन और भारी चट्टान गिरने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। चट्टान गिरने से सड़क के दोनों ओर बनी सुरक्षा दीवारों को भी नुकसान पहुंचा।

वहीं, अंधाराकोटे के पास सड़क चौड़ीकरण का काम भी ढह गया, जिससे मार्ग बहाल करने की चुनौती बढ़ गई। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर सड़क 47 दिनों तक बंद रही थी।

छोटे कारोबारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट

यातायात ठप होने का सबसे ज्यादा असर दुर्गाप्रसाद और कालिंगा घाट के छोटे कारोबारियों पर पड़ा है। ग्राहकों की आवाजाही घटने से चाय की दुकानें, होटल, ढाबे और रेस्तरां बंद हो गए हैं।

इससे इन कारोबारों पर निर्भर सैकड़ों परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। वहीं, परिवहन लागत बढ़ने से आम उपभोक्ताओं पर भी महंगाई का बोझ बढ़ रहा है।

विशेषज्ञ तलाशेंगे भूस्खलन का स्थायी समाधान

IIT दिल्ली के प्रोफेसर जीवी रमन, प्रशांत भांगला और सुमित सिन्हा ने स्थानीय अधिकारियों के साथ प्रभावित ढलानों का निरीक्षण किया। टीम भूस्खलन के कारणों का आकलन कर भविष्य में ऐसी घटनाओं का जोखिम कम करने के उपाय सुझाएगी।

प्रस्तावित योजना में सड़क चौड़ीकरण, भूस्खलन से बचाव के उपाय और एक छोटी पुलिया का पुनर्निर्माण शामिल है। इसके लिए प्रबलित मिट्टी आधारित मिश्रित तकनीक अपनाने का प्रस्ताव है। विशेषज्ञ तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को सुझाव देंगे।

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