JNU में चलेंगे GPS से लैस ई-रिक्शा, हॉस्टल से लाइब्रेरी तक 15 रुपये होगा किराया; तक किए गए 3 रूट
जेएनयू परिसर में छात्र-छात्राओं के लिए जीपीएस-सक्षम ई-रिक्शा सेवा शुरू की जा रही है, जिसमें चालकों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा। यह सेवा सुरक्षा को प्राथमिकता देगी।

जेएनयू में चलेंगे ई-रिक्शा। फोटो: आर्काइव
HighLights
जीपीएस-सक्षम ई-रिक्शा सेवा जेएनयू परिसर में शुरू होगी
चालकों का पुलिस सत्यापन छात्राओं की सुरक्षा हेतु अनिवार्य
15 रुपये किराया, सुबह 7:30 से रात 9:30 बजे तक सेवा
लोकेश शर्मा, नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) परिसर में अब छात्र-छात्राओं को आवाजाही के लिए सस्ती और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलने जा रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने फर्स्ट और लास्ट मील कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए जीपीएस से लैस ई-रिक्शा सेवा शुरू करने की तैयारी की है। खास बात यह है कि सेवा में छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी चालकों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया गया है।
संचालक एजेंसी को प्रत्येक चालक की पृष्ठभूमि की जांच कर उसकी रिपोर्ट JNU के नामित अधिकारी को सौंपनी होगी। चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और फोटो पहचान पत्र होना जरूरी होगा। उन्हें निर्धारित यूनिफाॅर्म और बैज भी पहनना होगा।
जीपीएस से होगी ई-रिक्शा की निगरानी
प्रस्तावित सेवा में शामिल प्रत्येक ई-रिक्शा में इन-बिल्ट जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। इससे वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी जा सकेगी। किसी भी आपात स्थिति में वाहन की लोकेशन की जानकारी हासिल करना आसान होगा।
ई-रिक्शा में फर्स्ट एड बाॅक्स और अग्निशामक यंत्र भी रखना अनिवार्य किया गया है। यात्रियों के दुर्घटना और थर्ड पार्टी बीमा की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी।
वाहन में चालक का नाम, लाइसेंस नंबर, मोबाइल नंबर, वाहन पंजीकरण संख्या, फिटनेस, परमिट, रूट नंबर, बैठने की क्षमता और निर्धारित गति सीमा की जानकारी प्रदर्शित करनी होगी।
तीन रूट पर 15 रुपये किराया
JNU में ई-रिक्शा के लिए तीन रूट प्रस्तावित किए गए हैं। इनकी लंबाई क्रमश: 3.4, 3.3 और 3.2 किलोमीटर है। रूट में विभिन्न हास्टल, प्रशासनिक ब्लॉक , लाइब्रेरी पार्किंग, गंगा ढाबा, साबरमती, गोदावरी और लाइफ साइंस सहित प्रमुख स्थान शामिल होंगे।
तीनों रूट पर प्रति यात्री 15 रुपये किराया प्रस्तावित है। सेवा सुबह 7:30 बजे से रात 9:30 बजे तक उपलब्ध रहेगी। इसका लाभ छात्रों के साथ फैकल्टी, कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्य भी उठा सकेंगे।
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