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दिल्ली से नहीं हटेंगे टोल नाके, 2 महीने में शुरू होगा MLFF सिस्टम; 900 करोड़ नहीं मिले तो नया प्लान बना

Published: Tue, 29 Sep 2026 08:20 AM (IST)

राजधानी दिल्ली में टोल मुक्त सड़कों की राह में 900 करोड़ रुपये का राजस्व रोड़ा बन गया है, जिससे केंद्र ...और पढ़ें

अब दिल्ली के बॉर्डरों से टोल नाके नहीं हटेंगे। फोटो: आर्काइव

अब दिल्ली के बॉर्डरों से टोल नाके नहीं हटेंगे। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. टोल मुक्त दिल्ली की राह में 900 करोड़ का रोड़ा।

  2. केंद्र-राज्य सरकारें एमसीडी को मुआवजा देने से पीछे हटीं।

  3. एमसीडी अब टोल पर MLFF, ANPR सिस्टम लाएगी।

निहाल सिंह, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने वाली दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार टोल से लगने वाले ट्रैफिक जाम को खत्म करने के लिए आगे नहीं आ रही हैं, जिसके चलते शहर के नौ प्रमुख टोल नाकों को बंद करने का निर्णय अधर में लटका हुआ है।

एमसीडी ने यह प्रस्ताव रखा था कि यदि कोई एजेंसी उसे 900 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व और हर साल पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ भरपाई कर दे, तो वह सभी 156 टोल नाके बंद करने को तैयार है, लेकिन इस वित्तीय घाटे की भरपाई के लिए न तो दिल्ली सरकार और न ही केंद्र सरकार ने रुचि दिखाई है।

नौ टोल नाकों पर जाम की समस्या

इसके बाद अब एमसीडी दिल्ली के टोल नाकों पर मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ गई है। एमसीडी के अनुसार, वह अगले दो माह में इस व्यवस्था को पूरी तरह से लागू कर देगी।

इससे वाहनों के प्रवेश पर टोल वसूली में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा, कम से कम उन स्थानों पर जहां जाम लगता है। यहां लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों में वाहन बिना रुके टोल आनलाइन चुकता करके निकल सकेंगे।

  • टिकरी बॉर्डर
  • केजीटी-सिंघु बॉर्डर
  • कापसहेड़ा बॉर्डर
  • आया नगर बॉर्डर
  • बदरपुर बॉर्डर
  • अप्सरा-शाहदरा बॉर्डर
  • न्यू मंडौली बॉर्डर
  • गाजीपुर बॉर्डर
  • रजोकरी बॉर्डर

RFID से भी नहीं खत्म हुआ जाम

लेकिन, यह पहली बार नहीं है जब इस तरह के दावे किए गए हैं। क्योंकि 2018 में जब टोल नाकों पर नकद टोल वसूली की बजाय RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) तकनीक स्थापित की गई थी, तब भी यही दावा किया गया था कि टोल नाकों पर अब जाम नहीं लगेगा। लेकिन, फिर भी टोल नाकों पर जाम खत्म नहीं हुआ।

अब तक क्या-क्या हुआ है

  • 23 अक्टूबर 2018 को 13 टोल नाकों को RFID टैग युक्त किया गया।
  • 1 जुलाई 2019 से आठ टोल नाकों पर RFID से वाहनों का प्रवेश अनिवार्य किया गया।
  • 15 अगस्त 2019 से 13 टोल नाकों पर RFID से वाहनों का प्रवेश अनिवार्य किया गया।
  • 30 जून 2021 को 124 टोल नाकों पर RFID टैग से प्रवेश अनिवार्य किया गया।
  • 1 अक्टूबर 2025 से ECC वसूली में होने वाली असमानता को खत्म कराया गया।
  • 18 अप्रैल 2026 को ECC शुल्क बढ़ाया गया। दो धुरी और तीन व चार धुरी वाले वाहनों पर शुल्क बढ़ाया गया।

हम टोल नाकों पर जाम खत्म करने के लिए गंभीर हैं, उम्मीद है कि ANPR तकनीक स्थापित होने से जाम की समस्या खत्म होगी।

-प्रवेश वाही, महापौर, दिल्ली

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