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JNU में पीएम मोदी-अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी को लेकर एक्शन, स्टूडेंट यूनियन के चारों पदाधिकारियों पर FIR दर्ज

Published: Thu, 08 Jan 2026 12:40 AM (IST)Updated: Thu, 08 Jan 2026 01:37 AM (IST)

जेएनयू में प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाने पर वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस ने जेएनयू छात्र ...और पढ़ें

जेएनयू के साबरमती हॉस्टल में आपत्तिजनक नारेबाजी करते छात्र-छात्राएं। फोटो सौ. वीडियो ग्रैब

जेएनयू के साबरमती हॉस्टल में आपत्तिजनक नारेबाजी करते छात्र-छात्राएं। फोटो सौ. वीडियो ग्रैब

HighLights

  1. जेएनयू में आपत्तिजनक नारों पर छात्रों के खिलाफ एफआईआर

  2. JNU स्टूडेंट यूनियन के चारों पदाधिकारियों को किया गया नामजद

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में सोमवार रात आपत्तिजनक नारे लगाने पर वसंत कुंज नॉर्थ थाना पुलिस ने कानूनी राय लेने के बाद बुधवार देर रात केस दर्ज कर लिया है। जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के पदाधिकारियों के नेतृत्व में वामपंथी छात्र संगठनों के छात्र छात्राओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए थे।

जिसके बाद शाम को जेएनयू प्रशासन की तरफ से मुख्य सुरक्षा अधिकारी नवीन यादव ने वसंत कुंज नॉर्थ थाने में जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के चारों पदाधिकारी अदिती मिश्रा, अध्यक्ष। गोपिका बाबू, उपाध्यक्ष, सुनील यादव, महासचिव और दानिश अली, संयुक्त सचिव समेत अन्य के खिलाफ शिकायत दी थी।

शिकायत पर कानूनी राय लेने के बाद पुलिस मुख्यालय में अप्रूवल के लिए भेज दिया गया था। जिसके बाद बुधवार को इस मामले में चारों को नामजद करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अब जल्दी चारों से पूछताछ करने के लिए नोटिस भेजा जाएगा। जिनकी संलिप्ता पाई जाएगी पुलिस उन्हें गिरफ्तार भी कर सकती है।

क्या है पूरा मामला?

पांच जनवरी की रात जेएनयू परिसर में जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) और वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन ने न सिर्फ कैंपस का माहौल तनावपूर्ण बना दिया था बल्कि इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की तीखी प्रतिक्रियाएं भी सामने आई थी।

साबरमती हॉस्टल के बाहर देर रात तक नारेबाजी होती रही, जिसमें शरजील इमाम और उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को लेकर आपत्तिजनक नारे लगाए गए। जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

जेएनयू में पहले भी कई बार हुई ऐसी घटनाएं

जेएनयू में पूर्व में भी कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें देश व सरकार विरोधी नारे लगाए जा चुके हैं। आइसा से जुड़े छात्र साबरमती हॉस्टल के सामने एकजुट होकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील की जमानत याचिका रद करने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

पांच जनवरी 2020 को जेएनयू में दोनों छात्र संगठनों के बीच भीषण झगड़ा हो गया था जिसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने आयशा व अन्य संगठनों के छात्र-छात्राओं व महिला प्रोफेसर की जमकर पिटाई कर दी थी। महिला प्रोफेसर के सिर फट गए थे। तब से आयशा व इससे जुड़े संगठन हर साल पांच जनवरी की रात विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

इस बार पांच जनवरी को शरजील और उमर की जमानत रद हो जाने पर दोनों मसले के विरोध में छात्रों ने आपत्तिजनक नारे लगाए। इस दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दंगों के आरोपित उमर खालिद और शरजील के समर्थन में छात्रों ने नारे लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए।

हिंदू सेना ने इस पर कड़ा रुख अपनाया था। सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने दक्षिण-पश्चिम जिले के डीसीपी को पत्र लिख‘मोदी-शाह की कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी।