JNU में लगे आपत्तिजनक नारे, विश्वविद्यालय प्रशासन ने FIR दर्ज करने लिए पुलिस को लिखी चिट्ठी
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में 5 जनवरी की रात छात्रों ने एक कार्यक्रम में विवादास्पद नारेबाजी की। यह कार्यक्रम 2020 ...और पढ़ें
-1767697053514_m.webp)
जेएनयू प्रशासन ने पुलिस से एफआईआर दर्ज करने को कहा।
HighLights
JNU में सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी हुई
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग की
नौ छात्रों के नाम FIR के लिए सुझाए गए
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में एक बार फिर विवादास्पद नारेबाजी का मामला सामने आया है। 5 जनवरी की रात को साबरमती हॉस्टल के बाहर छात्रों ने एक कार्यक्रम आयोजित किया था, जो प्रारंभ में 2020 की JNU हिंसा की छठी बरसी मनाने के लिए था। बाद में इसमें आपत्तिजनक नारेबाजी होने लगी। इस कार्यक्रम में करीब 30-35 छात्र शामिल थे। आरोप है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) से जुड़े छात्रों ने इसमें भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद माहौल बदल गया। छात्रों ने कथित तौर पर कोर्ट के खिलाफ आपत्तिजनक, उत्तेजक और भड़काऊ नारे लगाए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे सुप्रीम कोर्ट की अवमानना, लोक व्यवस्था भंग करने की क्षमता वाला और JNU के आचार संहिता का उल्लंघन बताया।

संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग
JNU के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर ने 6 जनवरी को वसंत कुंज (उत्तर) पुलिस स्टेशन को पत्र लिखकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग की है। पत्र में अदिति मिश्रा, गोपिका बाबू सहित नौ छात्रों के नाम शामिल हैं। नारेबाजी के दौरान सुरक्षा कर्मी मौके पर मौजूद थे और स्थिति पर नजर रख रहे थे।
प्रशासन ने वीडियो के आधार पर गंभीर संज्ञान लिया है और आगे कार्रवाई की बात कही है। यह मामला राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। BJP इस घटना को राष्ट्रविरोधी करार दे रही है, जबकि कुछ विपक्षी दल छात्रों के असंतोष के बाद विरोध अधिकार की बात कर रहे हैं।
