थाली में कीड़ा, रसोई में गंदगी; JNU के कावेरी समेत कई हॉस्टल मेस में खाने की गुणवत्ता पर उठे सवाल
छात्रों का आरोप है कि जेएनयू के कई हॉस्टलों की मेस में पौष्टिक भोजन के बजाय कीड़े और कॉकरोच मिल ...और पढ़ें

जेएनयू की नर्मदा मेस में खराब व अस्वच्छ मेस में खाना बनाते रसोईयां व जेएनयू के नर्मदा हास्टल के खाने में मिला कीड़ा। जागरण
HighLights
जेएनयू हॉस्टल मेस में छात्रों को भोजन में लगातार मिल रहे कीड़े।
खराब भोजन से कई छात्रों की तबीयत बिगड़ी, स्वास्थ्य पर असर।
रसोई की स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों की हो रही अनदेखी।
लोकेश शर्मा, नई दिल्ली। देश के कोने-कोने से छात्र बेहतर भविष्य का सपना लेकर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) आते हैं। हास्टल उनका दूसरा घर होता है और मेस की थाली उनके स्वास्थ्य का आधार।
लेकिन छात्रों का आरोप है कि इसी थाली में उन्हें पौष्टिक भोजन के बजाय कीड़े और काकरोच का सामना करना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय के कई हास्टलों की मेस में खाने की गुणवत्ता, रसोई की सफाई और पानी की व्यवस्था को लेकर छात्रों में आक्रोश है।
सवाल यह है कि जिन छात्रों के भरोसे देश का यह प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय चलता है, उनकी बुनियादी जरूरतों की निगरानी आखिर कौन कर रहा है?
आए दिन भोजन में मिलते रहते हैं कीड़े
कावेरी, शिप्रा, साबरमती, लोहित, ब्रह्मपुत्रा और कोयना हास्टल की मेस में भोजन में कीड़े मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। छात्रों का कहना है कि मामला किसी एक दिन या एक हास्टल तक सीमित नहीं है। शिप्रा हास्टल की छात्राओं ने खाने में कीड़े मिलने के साथ पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं होने की शिकायत भी की है।

कावेरी हास्टल मेस के खाने में बार-बार कीड़े मिलने से छात्र परेशान हैं। छात्रों का कहना है कि खराब भोजन खाने के बाद कई छात्रों की तबीयत बिगड़ी है। कुछ छात्रों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते लंबे समय के लिए घर लौटना पड़ा है। हालांकि, इन स्वास्थ्य समस्याओं का भोजन से सीधा संबंध स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है।
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इस मामले में जेएनयू के रजिस्ट्रार रविकेश से वाट्सएप और काल पर उनकी प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
रसोई में ही नियमों की अनदेखी का आरोप
नर्मदा हास्टल की मेस की रसोई को लेकर सबसे गंभीर सवाल खड़ा गया है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्रों के लिए भोजन तैयार होता है, वहीं स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े जरूरी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा।

रसोई की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के रखरखाव और कीट नियंत्रण को लेकर छात्रों ने सवाल उठाए हैं। छात्रों का कहना है कि यदि रसोई की स्थिति ऐसी है तो छात्रों की थाली तक पहुंचने वाले भोजन की गुणवत्ता की निगरानी पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
मेस में सफाई का संकट
छात्रों के मुताबिक कई हास्टलों में पानी की आपूर्ति भी नियमित नहीं है। नर्मदा हास्टल के मेस में चारों तरफ गंदगी है। दीवारों पर कालिख है। इसके साथ फर्श पर गंदगी भी नजर आती है।
इस वजह से कीड़े आते रहते हैं जो थाली तक पहुंच जाते हैं। छात्रों का कहना है कि शिकायतें मेस और प्रशासन तक पहुंचाने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ।
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