दिल्ली: बादली के जेलदार पार्क में गंदगी का अंबार, डीडीए-एमसीडी विवाद से स्थानीय लोग परेशान
बाहरी दिल्ली के बादली गांव स्थित जेलदार पार्क डीडीए और एमसीडी के सीमा विवाद के चलते बदहाल है, जहां सीवर ...और पढ़ें
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डीडीए का जेलदार पार्क कई महीनों से बदहाली का शिकार।
HighLights
जेलदार पार्क के प्रवेश द्वार पर सीवरेज का गंदा पानी।
पार्क के अंदर खुली नालियां जाम, दुर्गंध से लोग परेशान।
डीडीए-एमसीडी विवाद के कारण पार्क की बदहाली जारी।
जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। बादली गांव स्थित डीडीए का जेलदार पार्क कई महीनों से बदहाली का शिकार है। डीडीए और एमसीडी के बीच चल रहे सीमा विवाद का असर यहां आने वाले स्थानीय लोगों पर पड़ रहा है। दोनाें विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल कर अपना कर्तव्य पूरा कर रहे हैं।
डीडीए का कहना है सीवर एमसीडी का है, वह इसे खुलवाए। उनकी वजह से पार्क गंदा हो रहा है और एमसीडी पार्क की समस्या देखने को ही तैयार नहीं है।
दोनों विभागों की खींचतान का असर है कि पार्क के गेट पर ही सीवरेज के गंदे पानी से लोगों का स्वागत होता है। खुले में फैला सीवरेज का कीचड़ व गंदा पानी आसपास के वातावरण को दूषित कर रहा है। जेलदार पार्क के प्रवेश द्वार पर फैली गंदगी डीडीए के पार्क को दयनीय हालत में पहुंचा रही है।
स्थानीय निवासी दीपांशी, मनोज, अनिल ने बताया कि मुख्य गेट के आसपास अक्सर सीवर का पानी जमा रहता है। पार्क के अंदर बनी खुली नाली हमेशा जाम रहती है। इससे सीवर का गंदा पानी पार्क परिसर में फैल जाता है और पूरे इलाके में दुर्गंध बनी रहती है। वर्षा के दिनों में स्थिति अधिक खराब हो जाती है।
दुर्गंध के कारण लोगों को मुंह ढककर अंदर जाना पड़ता
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पार्क के मुख्य प्रवेश द्वार के पास गंदे पानी और दुर्गंध के कारण लोगों को मुंह ढककर अंदर जाना पड़ता है। कई बार नालियां जाम होने के कारण गंदा पानी पार्क के अंदर पहुंच जाता है। इससे सुबह-शाम टहलने आने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है।
गौरतलब है कि जेलदार पार्क डीडीए के अधिकार क्षेत्र में आता है और यहां आठ कर्मचारियों की तैनाती है। इसके बावजूद पार्क की सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। यहां कई डस्टबिन टूटे पड़े हैं, जिससे पार्क में गंदगी बढ़ रही है।
इस संबंध में डीडीए से बात की गई तो बताया कि हम पार्क के अंदर का काम देखते हैं। जाम सीवर की समस्या एमसीडी की है। उनके अधिकारियों को लिखा जा चुका है, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जल बोर्ड सीवरेज का वाहन आया और लौट गया
हैरानी की बात है कि पार्क की समस्या के समाधान के लिए मौके पर जल बोर्ड सीवरेज का वाहन भी आया था, लेकिन मामला डीडीए का बता कर वापस लौट गया। ऐेसे में सवाल उठ रहा है कि दोनों विभाग एक साथ लोगों की समस्या को कब समझेंगे।
