जेईई-एडवांस्ड 2026: शीर्ष रैंकर्स की पहली पसंद सीएसई और आईआईटी बॉम्बे
जेईई-एडवांस्ड 2026 में शीर्ष 500 रैंकधारकों के लिए कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग सबसे पसंदीदा शाखा रही, जिसमें से 365 छात्रों ने ...और पढ़ें

जेईई-एडवांस्ड 2026 में देश के शीर्ष 500 रैंकधारकों के बीच कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग ( एआई जेनरेटेड फोटो)
HighLights
शीर्ष 500 में से 365 ने सीएसई शाखा चुनी।
आईआईटी बॉम्बे 183 छात्रों की पहली पसंद बना।
महिला उम्मीदवारों की सफलता दर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जेईई-एडवांस्ड 2026 में देश के शीर्ष 500 रैंकधारकों के बीच कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (सीएसई) सबसे पसंदीदा शाखा रही। शीर्ष 500 में से 365 विद्यार्थियों ने सीएसई में प्रवेश लिया। वहीं, 183 टापरों ने आइआइटी बांबे को चुना, जो इस सूची में सबसे आगे रहा।
जेईई-एडवांस्ड 2026 का आयोजन करने वाले आइआइटी रुड़की की संयुक्त कार्यान्वयन समिति (जेआइसी) की रिपोर्ट के अनुसार, शीर्ष 500 में से 115 विद्यार्थियों ने आइआइटी दिल्ली, 78 ने आइआइटी मद्रास, 49 ने आइआइटी कानपुर और 40 ने आइआइटी खड़गपुर में प्रवेश लिया। शीर्ष 100 रैंकधारकों में आइआइटी बांबे की लोकप्रियता और अधिक रही।
68 विद्यार्थियों ने किया आईआईटी का चयन
इनमें 68 विद्यार्थियों ने आईआईटी बांबे, 18 ने आइआइटी दिल्ली, 11 ने आइआइटी मद्रास और एक ने आइआइटी कानपुर चुना। सीएसई के 365 चयनित विद्यार्थियों में अकेले 142 ने आइआइटी बांबे में प्रवेश लिया। इसके विपरीत, शीर्ष 500 में केवल दो विद्यार्थियों ने सिविल इंजीनियरिंग चुनी, जबकि किसी ने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग का विकल्प नहीं चुना।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा एनालिटिक्स कार्यक्रमों को केवल 17 विद्यार्थियों ने चुना। इस वर्ष 17 मई को आयोजित जेईई-एडवांस्ड में 1,79,694 उम्मीदवारों ने दोनों पेपर दिए थे। एक जून को घोषित परिणाम में 56,880 उम्मीदवार सफल रहे। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में महिला उम्मीदवारों की सफलता दर सबसे अधिक रही और पिछले छह वर्षों में पहली बार सफल महिला उम्मीदवारों की संख्या 10,000 के पार पहुंची।
