विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाली 17 छात्रों और पत्रकारों को राहत, पटियाला हाउस कोर्ट ने दी जमानत

Published: Tue, 06 Oct 2026 07:39 AM (GMT+05:30)

जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए 17 छात्रों और फ्रीलांस पत्रकारों को पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत दे दी।

बैरिकेड पर चढकर प्रदर्शन करती प्रदर्शनकारी। चंद्र प्रकाश मिश्र

बैरिकेड पर चढकर प्रदर्शन करती प्रदर्शनकारी। चंद्र प्रकाश मिश्र

HighLights

  1. जंतर-मंतर पर गिरफ्तार 17 छात्रों, पत्रकारों को जमानत मिली।

  2. पटियाला हाउस मजिस्ट्रेट ने सोमवार रात जमानत का आदेश दिया।

  3. पुलिस ने न्यायिक हिरासत मांगी थी, कोर्ट ने खारिज किया।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर से गिरफ्तार किए गए 17 छात्रों और फ्रीलांस पत्रकारों को पटियाला हाउस की मजिस्ट्रेट ने सोमवार रात जमानत दे दी।

पुलिस ने सभी आरोपितों को अदालत के समक्ष पेश किया और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनिमेष कुमार ने चार अलग-अलग आदेश पारित करते हुए सभी आरोपितों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

दिल्ली पुलिस की मांग

दिल्ली पुलिस ने सुनवाई के दौरान कोर्ट से सभी आरोपियों को दो हफ्ते की न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की थी। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि आरोपितों पर लगे आरोप गंभीर हैं और इस घटना में एक पुलिसकर्मी घायल भी हुआ है।

कोर्ट ने टिप्पणी की कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आड़ में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला करना गंभीर चिंता का विषय है, जिसकी अनुमति नहीं दी जा सकती।

कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 132 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत दंडनीय अपराध को छोड़कर, इस मामले में शामिल अन्य सभी अपराध जमानती प्रकृति के हैं।

कोर्ट ने यह भी ध्यान कहा कि सभी आरोपित युवा हैं और आदतन अपराधी नहीं हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने 17 छात्राओं और पत्रकारों को जमानत दे दी।

यह भी पढ़ें- जिसे आप दिल्ली समझते हैं, वो पूरी दिल्ली नहीं! समझिए दिल्ली, नई दिल्ली और NCR का असली फर्क