जामिया मिल्लिया में हॉस्टल के सवाल पर कार्रवाई: PhD छात्र 5 दिन के लिए निलंबित, AISA ने खोला मोर्चा
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने छात्रावास संबंधी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वाले एक पीएचडी छात्र को पांच दिनों के लिए ...और पढ़ें

विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक पीएचडी छात्र को पांच दिन के लिए निलंबित कर दिया है।
HighLights
जामिया ने छात्रावास मांगों पर पीएचडी छात्र को निलंबित किया।
आइसा ने निलंबन को तत्काल वापस लेने की मांग की।
विश्वविद्यालय ने परिसर में प्रदर्शन के नियम बताए।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रावास से जुड़ी मांगों को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक पीएचडी छात्र को पांच दिन के लिए निलंबित कर दिया है। छात्र को 28 सितंबर से दो अक्टूबर तक परिसर में प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है।
इस मामले पर आइसा ने विरोध जताते हुए निलंबन तत्काल वापस लेने की मांग की है। आरोप है कि विश्वविद्यालय के मुख्य प्राक्टर की ओर से छात्र को जारी नोटिस में 28 सितंबर को कैंटीन में हुई सभा में हिस्सा लेने और भ्रामक जानकारी के प्रचार की बात कही गई है।
पुस्तकालयों में शिक्षण एवं शोध कार्य प्रभावित
नोटिस में कहा गया है कि सभा से आसपास की कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों में शिक्षण एवं शोध कार्य प्रभावित हुआ। आइसा का कहना है कि छात्र ने महिला छात्रावासों से जुड़े मुद्दों, आवास, रहने की स्थिति और भोजन की गुणवत्ता को लेकर आवाज उठाई थी।
संगठन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का हवाला देते हुए निलंबन वापस लेने की मांग की है। उधर, विश्वविद्यालय का कहना है कि छात्रों के प्रदर्शन के लिए गेट नंबर 18 के पास निर्धारित स्थान है और शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा डालने की अनुमति नहीं है।
