जामिया प्रशासन की शिकायत पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी पर एफआईआर
जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन की शिकायत पर जामिया नगर पुलिस ने दो कांग्रेसी सांसद इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी के ...और पढ़ें
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कांग्रेसी सांसद इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी पर एफआईआर, जागरण
HighLights
जामिया प्रशासन की शिकायत पर एफआईआर दर्ज।
कांग्रेसी सांसद इमरान मसूद, प्रतापगढ़ी पर आरोप।
छात्रों को भड़काने, आपराधिक षड्यंत्र का मामला।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन की ओर से मिली शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जामिया नगर थाना पुलिस ने रविवार रात दोनों कांग्रेसी सांसदों इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी पर एफआईआर दर्ज कर ली है।
आंदोलनकारी छात्रों को भड़काकर माहौल बिगाड़ने को लेकर दोनों पर आपराधिक षड्यंत्र रचने की भी धाराएं लगाई गई हैं।विश्वविद्यालय की ओर से साक्ष्य के तौर पर वीडियो व कुछ फोटोग्राफ भी उपलब्ध कराए गए हैं। साक्ष्यों की विवेचना करने के बाद एफआईआर दर्ज करते हुए पुलिस अब दोनों पर कानूनी शिकांजा कसेगी।
12 अक्टूबर से चल रहा प्रदर्शन
बता दें कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर 12 अक्टूबर से चल रहे प्रदर्शन के बीच दीवारों पर देश विरोधी नारे लिखे जाने से परिसर में तनाव बढ़ गया है। शुक्रवार को दीवारों पर ‘फ्री कश्मीर’, ‘फ्री शरजील इमाम’ और सेना को लेकर आपत्तिजनक नारे लिखे पाए गए थे।
परिसर मे जबरन घुसे कांग्रेसी सांसदों पर गंभीर आरोप
इसकी कड़ी निंदा करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने शनिवार को नारों पर पेंट करा दिए थे। इसके बाद रविवार को दोपहर होते-होते छात्रों व सुरक्षा गार्डों के बीच झड़प ने टेंशन बढ़ा दी। इस झड़प के लिए छात्रों को भड़काने का आरोप विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में जबरन घुसे कांग्रेसी सांसदों इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी पर लगाया।
कई धाराओं के तहत मामला दर्ज
इसे लेकर जामिया प्रशासन ने फोटो और वीडियो साक्ष्य पुलिस को सौंपते हुए शनिवार देर रात शिकायत दी थी। जामिया की शिकायत पर इमरान मसूद व इमरान प्रतापगढ़ी पर बीएनएस की धारा 329 (3) (आपराधिक अतिचार), 126 (2) (गलत तरीके से रोकने), 115 (2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 324 (2) (जानबूझकर किसी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना), 351 (आपराधिक धमकी), 61 (आपराधिक षड्यंत्र) व 3 (5) (सामान्य आशय) एवं लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम-1984 के सेक्शन-3 (सामान्य लोक संपत्ति को नुकसान) के तहत एफआइआर दर्ज की है।
