जामिया में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को जबरन हटाने पर बढ़ा तनाव, परिसर में बिजली सप्लाई बंद
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को जबरन हटाने के बाद ...और पढ़ें

जामिया मिल्लिया इस्लामिया, फाइल फोटो।
HighLights
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को तबीयत बिगड़ने के बाद जबरन हटाया गया।
छात्रसंग बहाली की मांग को लेकर छह दिनों से चल रही थी हड़ताल।
विश्वविद्यालय ने कुछ छात्रों पर की कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ बहाली की 20 वर्ष पुरानी मांग को लेकर पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे हटाए जाने के बाद विवाद बढ़ गया।
छात्रों ने विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों पर मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। इस दौरान लगभग छह छात्रों को मामूली चोट भी आयी।
दोबारा हड़ताल की कोशिश
मिली जानकारी के मुताबिक शाम में लगभग 300 छात्र जुटे और दोबारा जामिया में घुसकर हड़ताल का प्रयास किया। फिर से कई छात्रों को पकड़कर सुरक्षाकर्मियों ने पुलिस के हवाले किया गया। साथ ही एहतियातन पूरे परिसर की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि दो छात्रों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल भेजा गया था। छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच तनाव को देखते हुए जामिया के लगभग सभी गेट पर पुलिस व अर्धसैनिक बल तैनात हैं।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की बिगड़ी तबीयत
बता दें कि कुछ छात्र 12 अक्टूबर की शाम से गुलिस्तान-ए-गालिब लान में गेट नंबर-7 के पास प्रदर्शन कर रहे थे। करीब पांच छात्र भूख हड़ताल पर थे। इनमें मोहम्मद जासिम और एविन की तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी।
छात्रों का आरोप है कि सुबह करीब 100 सुरक्षाकर्मी मस्जिद वाले गेट के पीछे से प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्हें घसीटकर गेट नंबर-7 तक लाया गया और एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। इस दौरान बाल खींचने और पेट पर मारने के आरोप भी लगाए गए।
गेट नंबर-7 पर दोबारा प्रदर्शन शुरू
घटना के वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित भी हुए हैं। इसके बाद दोपहर में छात्रों ने गेट नंबर-7 पर दोबारा प्रदर्शन शुरू किया। शाम को कुछ स्टूडेंट्स जबरन गेट के अंदर दाखिल हो गए। एविन ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर भूख हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया।
प्रदर्शनकारियों ने कुलपति और रजिस्ट्रार के पोस्टर लहराते और वीसी गेट तक मार्च निकाला। देर रात तक छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा। स्टूडेंट्स ने पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
तीन छात्रों पर विश्वविद्यालय ने की कार्रवाई
जामिया प्रशासन ने छात्र मोहम्मद जासिम पर छह महीने का कैंपस बैन लगाया है। उन पर 12 अक्टूबर को अनधिकृत तरीके से कैंपस में प्रवेश, सुरक्षाकर्मियों से दुर्व्यवहार, गाली-गलौज, अनुशासनहीनता और अनुपस्थित रहने समेत कई आरोप लगाए गए हैं।
वहीं, बीए एलएलबी (आनर्स) के छात्र एविन को एक साल के लिए कैंपस से बैन करने के साथ सस्पेंड किया गया है। जबकि छात्र रेहान को भी सस्पेंड किया गया है।
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