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ईरान युद्ध का असर: दिल्ली में सेब और कीवी के दाम आसमान पर, आपूर्ति बाधित

Published: Tue, 17 Mar 2026 09:00 PM (IST)

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण ईरान से सेब व कीवी की आवक रुक गई है, जिससे आजादपुर मंडी में ...और पढ़ें

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण ईरान से सेब व कीवी की आवक रुक गई है। इमेज एआई जेनरेटेड

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण ईरान से सेब व कीवी की आवक रुक गई है। इमेज एआई जेनरेटेड

धर्मेंद्र यादव, बाहरी दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग का असर फलों के व्यवसाय पर भी दिखने लगा है। युद्ध के चलते ईरान से आवक बंद होने के बाद सेब व कीवी के दाम बढ़ने लगे हैं। आजादपुर फल व सब्जी मंडी में सेब के दामों में 10-15 प्रतिशत और कीवी के दाम दोगुने हो गए हैं।

वैसे तो आजादपुर मंडी में सेब के दाम वृद्धि में युद्ध का कोई सीधा संबंध नहीं है। ईरानी सेब की आवक बंद होने का सीधा असर महाराष्ट्र समेत दक्षिणी राज्यों में है, इस कारण इन राज्यों में अब कश्मीरी सेब की मांग बढ़ गई। इसलिए, कश्मीर से आने वाले सेब की बड़ी खेप का रख दिल्ली के बजाय दक्षिणी राज्यों की ओर हो गया है।

नतीजतन, आजादपुर मंडी में सेब की आवक घट गई और दाम बढ़ने लगे। थोक दाम बढ़ने के बाद बाजार में सेब के दाम ढाई सौ से शुरू होकर तीन सौ रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं।

आजादपुर स्थित उत्तर भारत की सबसे बड़ी फल और सब्जी मंडी में ईरान जंग का प्रभाव सेब और कीवी पर सबसे ज्यादा है। आमतौर पर इस सीजन में आजादपुर मंडी ईरानी की कीवी पर निर्भर रहती है। कीवी व्यापारी सुनील का कहना है कि युद्ध शुरू होने से पहले ईरान से कीवी की प्रतिदिन औसतन 10-12 गाड़ियां आती थीं। अब शून्य आवक है। जो इस समय बिक रहा है, वह स्टाक का माल है।

कीवी के दाम हुए दोगुने 

यही वजह है कि कीवी के दाम दोगुने हो गए हैं। युद्ध आरंभ होने से पहले 30 नग (पीस) की कीवी ट्रे की कीमत 500-550 रुपये थी, अब यह बढ़कर 900-1000 रुपये हो गई है। कीवी व्यापारी राम अवध यादव ने बताया कि मई महीने में न्यूजीलैंड से कीवी आनी शुरू हो जाती है। इसके बाद कुछ राहत की उम्मीद की जा सकती है।

कश्मीरी एपल मर्चेंट एसोसिएशन के महासचिव विजय टालरा का कहना है कि आजादपुर मंडी में इस सीजन में ज्यादातर कश्मीरी सेब ही चलता है। जंग के बाद दक्षिणी राज्यों में चूंकि ईरानी सेब की आवक बंद हो गई, इसलिए वहां कश्मीरी सेब की मांग बढ़ गई है। अब कश्मीरी सेब की बड़ी खेप दक्षिणी राज्यों में जाने लगी।

पहले आजादपुर मंडी में कश्मीर से हर रोज 100 से लेकर 125 गाड़ियां आती थीं, अब घटकर 70-80 रह गई। यही कारण है कि सेब के दाम 10 से लेकर 15 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। पखवाड़े भर पहले सेब की 10 किलोग्राम की पेटी 1000 से 1300 रुपये बिकती थी, आज 1100 से 1500 रुपये बिक रही है।

दक्षिणी राज्यों में कश्मीरी सेब की मांग सीमित थी, अब पिछले 15 दिनों के भीतर यह मांग दोगुनी से अधिक हो गई है। अब रोजाना 25 ट्रक (अनुमानित 300-325 टन) दक्षिणी राज्यों में सेब लेकर जाते हैं।
-बशीर अहमद बशीर, चेयरमैन, कश्मीर वैली फ्रूट ग्रोवर्स-कम-डीलर यूनियन श्रीनगर

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