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'इंटरनेट नहीं था, हर तरफ...', ईरान से भारतीयों को लेकर पहली फ्लाइट पहुंची दिल्ली; सुनाई आपबीती

Published: Sat, 17 Jan 2026 11:54 AM (IST)

ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय नागरिकों को लेकर पहली वाणिज्यिक उड़ानें दिल्ली पहुंचीं। यात्रियों ने इंटरनेट बंद ...और पढ़ें

दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर अपनों से मिलते लोग। (PIC - एजेंसी)

दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर अपनों से मिलते लोग। (PIC - एजेंसी)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान में खामेनेई शासन के खिलाफ भड़के हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीय नागरिकों को लेकर आई पहली दो वाणिज्यिक उड़ानें बीती रात दिल्ली पहुंचीं। ये नियमित फ्लाइट्स थीं, किसी विशेष निकासी अभियान का हिस्सा नहीं। हालांकि, हालात को देखते हुए भारतीय सरकार किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार है और पहले ही नागरिकों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दे चुकी है।

एयरस्पेस खुलने के बाद आवाजाही सामान्य 

15 जनवरी को ईरानी हवाई क्षेत्र कुछ समय के लिए बंद रहने के कारण भारत से कई उड़ानें प्रभावित हुई थीं। अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन कई भारतीयों ने एहतियात के तौर पर वापस लौटना बेहतर समझा।

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दिल्ली पहुंचे यात्रियों ने बताया कि भारत सरकार और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास लगातार सलाह और सहायता उपलब्ध करवाते रहे। दूतावास भारतीय तीर्थयात्रियों, छात्रों, पर्यटकों और व्यापारियों से संपर्क में था।

‘इंटरनेट बंद था, परिवार से बात तक नहीं हो पा रही थी’

ईरान से लौटी एक एमबीबीएस छात्रा ने एनडीटीवी संवाददाता से बातचीत में कहा कि उसने विरोध की खबरें तो सुनीं, लेकिन खुद किसी प्रदर्शन का सामना नहीं किया। वहीं एक अन्य भारतीय नागरिक, जो एक महीने से ईरान में थे, ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में स्थिति ज्यादा तनावपूर्ण रही।

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उन्होंने कहा कि, “बाहर निकलते ही प्रदर्शनकारी गाड़ियों के आगे आ जाते थे। हल्की झड़पें होती थीं। इंटरनेट नहीं होने से परिवार से संपर्क नहीं कर पा रहे थे, दूतावास तक संपर्क मुश्किल हो गया था।”

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काम के सिलसिले में ईरान गए एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर ने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ी समस्या सिर्फ नेटवर्क की कमी रही। उन्होंने बताया कि अब हालात सुधरने लगे हैं और सामान्य गतिविधियां फिर शुरू हो रही हैं।

एक अन्य यात्री ने बताया कि प्रदर्शन काफी उग्र थे, आगजनी भी देखी गई, लेकिन शासन समर्थक भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि अब तेहरान में स्थिति स्थिर दिखाई दे रही है।

दो हफ्तों में हिंसा में हजारों की मौत

दिसंबर के अंतिम सप्ताह से ईरान में तनाव बढ़ा, जब अली खामेनेई सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन भड़क उठे। रिपोर्ट्स के अनुसार, बीते दो हफ्तों में करीब 3,000 लोगों की जान गई।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी सरकार के बीच तीखी बयानबाज़ी ने सैन्य टकराव की आशंका भी बढ़ा दी थी। हालांकि अब संकेत मिल रहे हैं कि स्थिति कुछ हद तक शांत हो रही है। ट्रंप ने भी अपना आक्रामक रुख नरम किया है।

भारत की स्थिति पर नजर

ईरान में अभी भी लगभग 9,000 भारतीय मौजूद हैं। विदेश मंत्रालय लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता के लिए तैयार रहने की बात कही है।

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