विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रोबोटिक सर्जरी का 'ग्लोबल हब' बना दिल्ली-NCR, अगले चार वर्षों में भारत करेगा वैश्विक नेतृत्व

Published: Sat, 03 Oct 2026 06:40 AM (IST)

भारत अगले चार वर्षों में रोबोटिक सर्जरी में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है, जिसका शुभारंभ दिल्ली में SRS ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

HighLights

  1. भारत 2026 तक रोबोटिक सर्जरी में वैश्विक नेतृत्व करेगा।

  2. दिल्ली-एनसीआर रोबोटिक सर्जरी का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

  3. सम्मेलन में नई तकनीक, प्रशिक्षण और एआइ पर चर्चा।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में भारत अगले चार वर्षों में वैश्विक नेतृत्व की स्थिति हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। शुक्रवार से दिल्ली में सोसाइटी आफ रोबोटिक सर्जरी (एसआरएस) इंडिया 2026 सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन में देश-दुनिया के 2,500 से अधिक रोबोटिक विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

एनसीआर देश में रोबोटिक सर्जरी का बड़ा हब बनता जा रहा है। सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों को मिलाकर यहां प्रतिदिन करीब 40 रोबोटिक सर्जरी हो रही। सालाना करीब 15 हजार। इससे मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिल रहा है।

सफदरजंग अस्पताल के यूरोलाजी, रोबोटिक एवं रीनल ट्रांसप्लांट विभाग के प्रमुख प्रो. डॉ. अनूप कुमार के अनुसार, देश में सबसे अधिक रोबोटिक सर्जरी और रोबोटिक सिस्टम की स्थापना एनसीआर में हुई है।

रोबोटिक्स का दायरा सर्जरी से आगे बढ़ेगा

एसआरएस इंडिया 2026 के उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रोबोटिक सर्जरी के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), बायोटेक्नोलाजी, प्रिसीजन मेडिसिन और स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी नवाचार के बढ़ते इस्तेमाल पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि रोबोटिक्स केवल सर्जरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अलग-अलग चिकित्सा विशेषज्ञताओं में इसका इस्तेमाल बढ़ेगा। उन्होंने रोबोटिक तकनीक को अधिक किफायती और लोगों तक सुलभ बनाने के साथ स्थानीय नवाचार और नई तकनीक को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।

नई तकनीक और प्रशिक्षण पर मंथन

एसआरएस इंडिया 2026 सम्मेलन में चार अक्टूबर तक ली मेरिडियन में हो रहा है। सम्मेलन में रोबोटिक सर्जरी की नई तकनीक, प्रशिक्षण, लाइव सर्जरी, एआइ, टेली-सर्जरी और आटोमेशन समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा हो रही है। यूरोलाजी, स्त्री रोग, कोलोरेक्टल, अपर जीआइ और बैरिएट्रिक सर्जरी समेत कई विशेषज्ञताओं में रोबोटिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी मंथन किया जा रहा है।

प्रो. डॉ. अनूप कुमार के अनुसार रोबोटिक सर्जरी का इस्तेमाल यूरोलाजी, कैंसर, स्त्री रोग, हृदय और सामान्य सर्जरी समेत विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में बढ़ रहा है। सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में इसके विस्तार से जटिल सर्जरी की सुविधा बढ़ रही है।

दूसरे राज्यों और विदेशों से उपचार के लिए मरीजों के एनसीआर आने से मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिल रहा है। भारत में रोबोटिक सर्जरी को अधिक किफायती और सुलभ बनाने के लिए स्थानीय तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देना भी आवश्यक है।

रोबोटिक सर्जरी की बढ़ती मांग के कारण

भारत में रोबोटिक सर्जरी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। रोबोटिक सर्जरी विशेषज्ञ और एसआरएस इंडिया 2026 के आयोजन अध्यक्ष डॉ. विवेक बिंदल के अनुसार एनसीआर में प्रशिक्षित रोबोटिक सर्जनों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता से इसकी मांग बढ़ी है।

छोटे चीरे, स्पष्ट दृश्य और उपकरणों की सटीकता से जटिल सर्जरी में मदद मिलती है। यूरोलाजी, कैंसर, स्त्री रोग, हृदय और अन्य सर्जरी में इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है। एआइ के इस्तेमाल से इसकी सटीकता बढ़ गई है, जिससे इसकी मांग में तेजी आई की है।

यह भी पढ़ें- दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ने रचा इतिहास, पहली बार रोबोटिक तकनीक से हुआ सफल घुटना प्रत्यारोपण