आईआईटी दिल्ली में 'एफआईटीटी फॉरवर्ड 2026' शिखर सम्मेलन: भारत के डीप-टेक भविष्य पर गहन मंथन
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में आयोजित 'एफआईटीटी फारवर्ड 2026' शिखर सम्मेलन का समापन हुआ, जहाँ देशभर के विशेषज्ञों ने भारत के डीप-टेक भविष्य पर चर्चा की।

आईआईटी दिल्ली में भारत के डीप-टेक भविष्य पर मंथन।
HighLights
आईआईटी दिल्ली में एफआइटीटी फारवर्ड 2026 शिखर सम्मेलन संपन्न।
भारत के डीप-टेक भविष्य पर विशेषज्ञों ने की चर्चा।
एआई, सेमीकंडक्टर, स्पोर्ट्स-टेक में नवाचार पर विशेष जोर।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली की फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलाजी ट्रांसफर (एफआइटीटी) की ओर से आयोजित दो दिवसीय शिखर सम्मेलन ‘एफआइटीटी फारवर्ड 2026’ का शनिवार को समापन हो गया।
सम्मेलन में देशभर से आए संस्थापकों, निवेशकों, नीति-निर्माताओं और शोधकर्ताओं ने भारत के डीप-टेक भविष्य पर चर्चा की। एआई, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कृषि, जैव-प्रौद्योगिकी और स्पोर्ट्स-टेक जैसे क्षेत्रों में नवाचार और निवेश की संभावनाओं पर मंथन हुआ।

भारत के डीप-टेक दशक की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका
समापन सत्र में एफआइटीटी के प्रबंध निदेशक डॉ. निखिल अग्रवाल ने कहा कि सम्मेलन ने दिखाया है कि संस्थापक, निवेशक, उद्योग और नीति-निर्माता एक मंच पर आकर महत्वाकांक्षाओं को साझेदारियों, पूंजी और वैश्विक स्तर की कंपनियों में बदल सकते हैं। यह भारत के डीप-टेक दशक की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आइआइटी दिल्ली के डीडीएसपी प्रो. विवेक वी. बुवा ने कहा कि संस्थान युवा उद्यमियों को सही पारिस्थितिकी तंत्र और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि उनके विचार सफल उद्यमों में बदल सकें।
क्रिकेटर और निवेशक भुवनेश्वर कुमार ने स्पोर्ट्स-टेक की संभावनाओं पर कहा कि खेलों में तकनीक के इस्तेमाल की काफी गुंजाइश है। उन्होंने चोट के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए खेल और तकनीक के संगम को भविष्य में बड़े बदलाव का माध्यम बताया।

विनिर्माण और कृषि-तकनीक पर भी विशेषज्ञों ने विचार रखे
सम्मेलन में सावरेन एआइ, सेमीकंडक्टर विनिर्माण, कृषि-तकनीक और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी पर विशेष सत्र आयोजित हुए। एआइ सत्र में साइबरमीडिया ग्रुप के प्रदीप गुप्ता, आइआइटी दिल्ली के प्रो. मौसम, एमईटीवाई की कविता भाटिया और माइक्रोसाफ्ट इंडिया के संदीप अरोड़ा ने भाग लिया। डीप-टेक में निवेश, विनिर्माण और कृषि-तकनीक पर भी विशेषज्ञों ने विचार रखे।
