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IIT दिल्ली का बड़ा कारनामा, देश का पहला स्वदेशी माइक्रो-GPU तैयार; ई-रिक्शा से AI तक में होगा इस्तेमाल

Published: Sat, 26 Sep 2026 02:48 PM (IST)

IIT दिल्ली के शोधकर्ताओं ने देश का पहला माइक्रो-जीपीयू डिजाइन विकसित किया है। यह उपलब्धि भारत की विदेशी तकनीक पर ...और पढ़ें

IT दिल्ली के शोधकर्ताओं ने देश का पहला माइक्रो-जीपीयू डिजाइन विकसित किया है। फोटो: आर्काइव

IT दिल्ली के शोधकर्ताओं ने देश का पहला माइक्रो-जीपीयू डिजाइन विकसित किया है। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. आइआइटी दिल्ली ने पहला स्वदेशी माइक्रो-जीपीयू विकसित किया

  2. यह जीपीयू ग्राफिक्स और एआई गणनाओं को तेजी से करेगा

  3. विदेशी तकनीक पर निर्भरता घटाएगा, विभिन्न उपकरणों में उपयोगी

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) के क्षेत्र में भारत ने स्वदेशी तकनीक की दिशा में अहम उपलब्धि हासिल की है। IIT दिल्ली के विद्युत इंजीनियरिंग विभाग के शोधकर्ताओं ने देश का पहला कार्यशील और प्रदर्शन-योग्य स्वदेशी माइक्रो-GPU डिजाइन विकसित किया है।

GPU एक ऐसा प्रोसेसर है, जो कंप्यूटर और इलेक्ट्रानिक उपकरणों में तस्वीरों, वीडियो और ग्राफिक्स से जुड़ी गणनाओं को तेजी से पूरा करता है। इसका इस्तेमाल एआइ, मशीन लर्निंग और कई आधुनिक तकनीकों में होता है।

IIT दिल्ली ने विकसित किया स्वदेशी GPU

संस्थान के अनुसार, अभी देश में इस्तेमाल होने वाले सभी GPU आयातित हैं। ऐसे में स्वदेशी माइक्रो-GPU का विकास भविष्य में विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करने में मदद कर सकता है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, यह किसी भारतीय विश्वविद्यालय द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया पहला ऐसा माइक्रो-GPU है, जिसका सफलतापूर्वक प्रदर्शन भी किया गया है।

प्रो. जयदेवा और प्रो. कौशिक साहा के मार्गदर्शन में एमटेक के विद्यार्थियों नम्मी आकाश और एम. रवि तेजा ने इस परियोजना पर काम किया।

टीम ने इसे पूरी तरह डिजिटल डिजाइन के रूप में तैयार किया और विशेष प्रोग्रामेबल हार्डवेयर पर इसका परीक्षण किया। इसके जरिये ग्राफिक्स तैयार करने और उन्हें स्क्रीन पर प्रदर्शित करने की क्षमता का सफल प्रदर्शन किया गया।

ई-रिक्शा के डैशबोर्ड से नेविगेशन तक में उपयोग

इस तकनीक का इस्तेमाल कम लागत वाले इलेक्ट्रानिक उपकरणों में किया जा सकता है। इनमें औद्योगिक मशीनों की डिस्प्ले, मानव-मशीन इंटरफेस, ई-रिक्शा के डैशबोर्ड, छोटे मछली पकड़ने वाले जहाजों के नेविगेशन टर्मिनल और शैक्षिक ई-बुक रीडर शामिल हैं।

इसे एएसआईसी और एफपीजीए जैसे प्रोग्रामेबल हार्डवेयर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

16 कोर वाले प्रोसेसर की तैयारी

शोध टीम अब इसे और उन्नत बनाने पर काम कर रही है। इसके तहत आठ से 16 कोर वाला वेक्टर आधारित ग्राफिक्स प्रोसेसर विकसित करने की योजना है।

साथ ही इसके लिए कंपाइलर, ग्राफिक्स साफ्टवेयर और चिप का शुरुआती मॉडल तैयार किया जाएगा। टीम भविष्य में इसके व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए वित्तीय सहायता जुटाने और तकनीक को बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी काम करेगी।

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