जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली : भारतीय मानवाधिकार संस्थान (आइआइएचआर) की ओर से विश्व मानवाधिकार दिवस पर 18वां महासम्मेलन आयोजित किया गया। रविवार को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में दैनिक जागरण मीडिया पार्टनरशिप के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मानवाधिकार के लेकर गहन चर्चाएं हुईं। संस्थान के संस्थापक व निदेशक डॉ. राहुल राय ने कहा कि मानवाधिकार के प्रति लोगों को जागरूक और शिक्षित करना हम सब की जिम्मेदारी है। हमारा संस्थान पिछले कई वर्षो से व्यक्तियों को शिक्षित व जागरूक करने में लगी हुई है। इस वर्ष महासम्मेलन का विषय मानव अधिकार शिक्षा रखा गया है।

इस दौरान दिल्ली के विभिन्न स्कूलों से आए दर्जनों बच्चों, शिक्षकों व स्कूल प्रशासन से जुड़े पदाधिकारियों को मानवाधिकार के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बच्चों व प्रधानाचार्यो को सम्मानित भी किया गया। राहुल राय ने कहा कि आज मानव के अधिकारों की रक्षा एक बड़ी चुनौती हैं। भारत जैसे लोकतांत्रिक देशों में शिक्षा या फिर जागरूकता के अभाव में लोग अपने अधिकारों का बेहतर इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।

इस मौके पर कई देशों के राजदूत भी शामिल हुए थे। चेक गणराज्य के राजदूत मिलान होवोरका ने कहा कि मानवाधिकार शिक्षण एंव प्रशिक्षण से ज्ञान व मूल्यों में वृद्धि होती है। इससे लोगों में एकता और उनके व्यवहार में परिर्वतन आता है। वहीं, बोलिविया के राजदूत सरिजियो अरस्पिे बारिएंतो ने कहा कि मानवाधिकार शिक्षण एक मूल अधिकार नहीं, बल्कि कर्तव्य भी है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को मानव अधिकार का शिक्षण एवं प्रशिक्षण देने पर जोर दिए जाने की जरूरत है। अमेरिका की डी-स्ट्रेस विशेषज्ञ ब्रिगट्रे एलिजाबेथ कीन ने कहा कि मानव अधिकार शिक्षण लंबे समय से पनप रही कुरीतियों को दूर करने और एक न्यायिक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है। कार्यक्रम में संस्थान के पदाधिकारियों व मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

Posted By: Jagran

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