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17,598 फीट से युवाओं को संदेश, एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचीं IAS सोनल गोयल; बोलीं-ड्रग्स नहीं, ड्रीम्स चुनो

Published: Mon, 28 Sep 2026 01:51 PM (IST)

त्रिपुरा कैडर की आईएएस अधिकारी सोनल गोयल 17,598 फुट ऊंचे एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचीं, जहां उन्होंने तिरंगा फहराया। उन्होंने युवाओं ...और पढ़ें

एवरेस्ट बेस कैंप पर आईएएस सोनल गोयल और उनका दल।

एवरेस्ट बेस कैंप पर आईएएस सोनल गोयल और उनका दल।

HighLights

  1. वरिष्ठ आईएएस सोनल गोयल 17,598 फुट एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचीं

  2. युवाओं को नशे से दूर रहने और लक्ष्य पर ध्यान देने का संदेश

  3. कैंसर जागरूकता और नशामुक्त भारत अभियान को बढ़ावा दिया

मोहम्मद साकिब, नई दिल्ली। त्रिपुरा कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सोनल गोयल 17,598 फुट की ऊंचाई पर स्थित एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचीं।

करीब 14 दिन की इस यात्रा के दौरान उन्होंने लगभग 140 किलोमीटर का ट्रेक पूरा किया। बेस कैंप पर तिरंगा फहराने के साथ उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और अपने लक्ष्य पर ध्यान देने का संदेश दिया।

कैंसर जागरूकता से जोड़ा अभियान

सोनल गोयल ने एवरेस्ट बेस कैंप पर तिरंगे के साथ कैंसर जागरूकता का प्रतीक रिबन और 'ड्रग्स नहीं, ड्रीम्स चुनो' का संदेश प्रदर्शित किया। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशामुक्त भारत के लिए युवाओं की भागीदारी की अपील की।

सोनल ने बताया कि वर्ष 2023 में कैंसर के कारण उनके पिता की मृत्यु हुई थी। इसके बाद उन्होंने कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भी इस अभियान को आगे बढ़ाया है। उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर करीब 30 लाख लोग जुड़े हुए हैं।

दो साल से कर रही थीं तैयारी

एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचने के लिए सोनल ने पिछले करीब दो वर्षों में कई हाई एल्टिट्यूड ट्रेक, मैराथन और यात्राओं में हिस्सा लिया। इनमें उत्तराखंड की रुपिन-सुपिन घाटी, हिमाचल प्रदेश का हातू पीक, तुंगनाथ ट्रेक, कैलाश मानसरोवर यात्रा, लद्दाख हाफ मैराथन और मसूरी मैराथन शामिल हैं।

करीब 14 दिनों की यात्रा में उन्हें शून्य से नीचे तापमान, कम ऑक्सीजन, कठिन चढ़ाई और सीमित संसाधनों के बीच ट्रेक पूरा करना पड़ा। सोनल के अनुसार, इस यात्रा से उन्हें अनुशासन, धैर्य और टीमवर्क के महत्व को समझने का मौका मिला।

युवाओं के लिए दिया सीधा संदेश

सोनल गोयल ने युवाओं से कहा कि उनकी ऊर्जा को सही दिशा मिले तो वे अपने सपनों को पूरा करने के साथ देश के भविष्य में भी योगदान दे सकते हैं। उन्होंने नशे से दूर रहने और अपने सपनों को लक्ष्य बनाने की अपील की।

उनके मुताबिक, 'नशामुक्त भारत अभियान' की सफलता के लिए समाज और विशेष रूप से युवाओं की भागीदारी जरूरी है।

सामाजिक कार्यक्रमों से भी जुड़ी हैं सोनल

सोनल गोयल फिलहाल त्रिपुरा सरकार में सचिव के पद पर तैनात हैं। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ वह गैर सरकारी संगठनों के साथ मिलकर सामाजिक कार्यक्रमों से भी जुड़ी हैं।

उन्होंने 'निडर बेटियां', 'पंख-एक उड़ान' और 'अरुणा' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं, खासकर युवा लड़कियों के आत्मरक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रयासों में भाग लिया है।

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