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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CM केजरीवाल से माफी की मांग पर अड़े अधिकारी, रोज रखेंगे पांच मिनट का मौन

By Amit MishraEdited By:
Published: Thu, 22 Feb 2018 08:27 PM (IST)Updated: Sat, 24 Feb 2018 08:19 AM (IST)

अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट की घटना नौकरशाही व लोकतंत्र का अपमान है।

CM केजरीवाल से माफी की मांग पर अड़े अधिकारी, रोज रखेंगे पांच मिनट का मौन
CM केजरीवाल से माफी की मांग पर अड़े अधिकारी, रोज रखेंगे पांच मिनट का मौन

नई दिल्ली [जेएनएन]। दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ 'आप' विधायकों द्वारा की गई बदसुलूकी का विरोध कर रहे अधिकारियों के तेवर और अधिक सख्त होते जा रहे हैं। दिल्ली सरकार के मंत्रियों और विधायकों के साथ बैठक का बहिष्कार करने का एलान कर चुके अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को मौन रखकर अपना विरोध दर्ज कराया। दिल्ली सचिवालय समेत सभी जिला कार्यालयों (राजस्व) व अन्य विभाग के मुख्यालय में भोजन के समय (दोपहर डेढ़ बजे) अधिकारियों ने पांच मिनट का मौन रखा।

मौन रखकर रोष प्रकट करेंगे अधिकारी  

दिल्ली आइएएस एसोसिएशन की सचिव मनीषा सक्सेना ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर मुख्य सचिव के साथ हुई बदसुलूकी की घटना से दिल्ली सरकार के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के विश्वास को क्षति पहुंची है। घटना के विरोध में अधिकारी अपने कार्यालय के बाहर सभी कार्य दिवसों पर पांच मिनट का मौन रखकर रोष प्रकट करेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक पक्ष को ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि अधिकारी आत्मसम्मान के साथ कार्य कर सकें।

सीएम क्षमा मांगें तभी लेंगे बैठकों में हिस्सा

डास कैडर के अधिकारी अब दिल्ली के मुख्यमंत्री से मामले को लेकर क्षमा मांगने पर अड़ गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह घटना नौकरशाही व लोकतंत्र का अपमान है। दिल्ली सचिवालय में डास कैडर के अधिकारियों की हुई बैठक में दिल्ली गवर्नमेंट एम्प्लाइज एसोसिएशन के महासचिव दीपक भारद्वाज ने कहा कि कोई भी मंत्री या विधायक बुलाए तो उनकी बैठक में हिस्सा नहीं लेना है। 

मुख्यमंत्री से मांफी की मांग 

बता दें कि मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ 'आप' विधायकों द्वारा की गई बदसुलूकी का विरोध कर रहे आइएएस और दानिक्स व डास कैडर के अधिकारी अब मुख्यमंत्री से मांफी पर अड़ गए हैं। अधिकारियों ने एलान कर दिया है कि जब तक खुद अरविंद केजरीवाल पूरे मामले पर मांफी नहीं मांगेंगे तब तक वह सरकार की किसी बैठक में शामिल नहीं होंगे।

घटना की निंदा

गौरतलब है कि बुधवार शाम आइएएस और दानिक्स और डास एसोसिएशन के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें सभी अधिकारियों ने एक स्वर में मुख्य में सचिव अंशु प्रकाश के साथ हुई घटना की निंदा की। साथ ही बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा मांफी मांगने तक किसी भी बैठक में शामिल न होने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

बैठक में शामिल नहीं होंगे अधिकारी  

बैठक के बाद दिल्ली आइएएस एसोसिएशन की सचिव मनीषा सक्सेना ने कहा कि मुख्य सचिव नौकरशाही का प्रमुख होता है। ऐसे में उनके साथ बदसुलूकी होना कोई छोटी घटना नहीं है। इसलिए सभी अधिकारियों ने एक स्वर में किसी भी बैठक में शामिल न होने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। जिससे अधिकारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

काली पट्टी बांधकर किया विरोध

दिल्ली सचिवालय समेत दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों में अधिकारी काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं। दिल्ली सचिवालय में मुख्य सचिव अंशु प्रकाश भी अपने कार्यालय पहुंचे। बुधवार को किसी भी मंत्री की मुख्य सचिव के साथ कोई पूर्व निर्धारित बैठक नहीं थी। इसलिए अंशु प्रकाश रोजना की तरह फाइलों को निपटाते रहे। 

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