नई दिल्ली/ गाजियाबाद, जागरण संवाददाता।  कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली में एक सप्ताह का लाकडाउन घोषित कर दिया गया है। इसकी समयसीमा बढ़ाने व अन्य जगह लाकडाउन लगाए जाने की आशंका के डर से दिल्ली, गाजियाबाद व नोएडा में नौकरी करने आए लोगों ने घर वापसी शुरू कर दी है। कौशांबी बस अड्डा पर जाने वाला हर प्रवासी सामान समेटे बस की सीट की तलाश में दिखा। सीट नहीं मिली तो छतों पर बैठकर लोगों ने सफर किया।

 एक माह पहले तक लग रहा था कि देश ने कोरोना पर विजय पा ली है। दूसरी लहर में बढ़े मामलों के साथ अचानक बिगड़े हालात ने हर किसी के दिल में खौफ भर दिया है। कोरोना संक्रमण से दिल्ली में बिगड़ते हालात के बाद जैसे ही सोमवार को वहां के मुख्यमंत्री अरविद केजरीवाल ने एक सप्ताह के लाकडाउन की घोषणा की। ठीक उसके बाद प्रवासी सामान समेटकर बस अड्डा पहुंच गए।

भीड़ के चलते बसों में चढऩे के लिए लोगों ने खिड़कियों का भी सहारा लिया। इस दौरान शारीरिक दूरी के नियमों का जमकर उल्लंघन हुआ। लोग सीटों के अलावा बसों में खड़े होकर यात्रा करते नजर आए। छतों पर भी सवारी की। बहराइच निवासी सुनील कुमार ने बताया कि लाकडाउन लंबा हुआ तो पिछले साल जैसे हालात बनेंगे। रोटी की परेशानी तो होगी ही घर भी लौटने में दिक्कत होगी। अभी से घर जा रहे हैं। एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंव्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे, लेकिन उनकी गाड़ी भी यहां लगे जाम में फंस गई। काफी देर बाद बस अड्डे का हाल देखने के बाद वह चले गए।

वहीं, फुटओवर ब्रिज से आनंद विहार से कौशांबी बस अड्डे की तरफ भी बड़ी संख्या में लोग जाते दिखे। इस दौरान कोरोना नियमों का जमकर उल्लंघन हुआ। 

सड़क व बस अड्डे पर भगदड़ सा नजारा

दिल्ली, नोएडा व गाजियाबाद में काम कर रहे प्रवासियों के घर वापसी के लिए एक बार फिर गत वर्ष जैसे हालात नजर आए। बढ़ी भीड़ व बसों की कम संख्या से कौशांबी बस अड्डे पर भगदड़ सा नजारा दिखा। पूर्वांचल व बिहार से आकर काम करने वाले लोग किसी भी हालत में अपने काम को छोड़कर जाना नहीं चाहते, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते बने इन हालात में हर कोई अपने परिवार की सुरक्षा व लाकडाउन में काम व नौकरी को लेकर चिंचित नजर आया।

वहीं, आनंद विहार बस अड्डे पर भी भारी भीड़ देखी गई। यहां पर अनाउंस जा रहा रहा था कि उत्तर प्रदेश की तरफ जाने वाले यात्री कौशांबी बस अड्डे पर जाएं। भीड़ बढ़ने की वजह से आनंद विहार में भीषण जाम लग गया।

महाराजपुर बार्डर-कौशांबी में लगा जाम

दिल्ली में लाकडाउन की घोषणा के बाद एक साथ सैंकड़ों की संख्या में लोग कौशांबी बस अड्डे के लिए आए। लोगों की वजह से डाबर तिराहा से कौशांबी जाने वाले मार्ग पर और अंदरूनी मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई। इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों की भी लंबी कतार लग गई। करीब आधा घंटा यहां जाम रहा, लेकिन जाम खुलवाने के लिए पुलिस की कोई व्यवस्था नजर नहीं आई।

रोडवेज की व्यवस्था फेल

कोरोना संक्रमण से दिनोंदिन बिगड़ रहे हालात को देखते हुए काफी संख्या प्रवासी अपने घरों को लौट रहे हैं। भले ही उत्तर प्रदेश परिवहन निगम व्यवस्था बनाने के दावे कर रहा हो, लेकिन अचानक पहुंची लोगों की भीड़ ने परिवहन निगम की तमाम व्यवस्थाओं को धड़ाम कर दिया। शाम होते-होते बस अड्डा जाने वालों की भीड़ से भरा था, लेकिन बसें ढूंढ़े नहीं मिल रहीं थीं। लोग इंतजार करते नजर आए।

निजी बसों ने वसूला कई गुना किराया

 निजी बस संचालकों ने लोगों को उनके घर पहुंचने की मजबूरी का जमकर फायदा उठाया। रोजवेज बसें न होने पर निजी बस संचालकों ने अपनी गाडिय़ां बस अड्डे के आसपास खड़ी कर सवारियों भरी और लोगों से दो से तीन गुना किराया वसूला।कोरोना संक्रमण से दिनोंदिन बिगड़ रहे हालात को देखते हुए काफी संख्या प्रवासी अपने घरों को लौट रहे हैं। भले ही उत्तर प्रदेश परिवहन निगम व्यवस्था बनाने के दावे कर रहा हो, लेकिन अचानक पहुंची लोगों की भीड़ ने परिवहन निगम की तमाम व्यवस्थाओं को धड़ाम कर दिया। शाम होते-होते बस अड्डा जाने वालों की भीड़ से भरा था, लेकिन बसें ढूंढ़े नहीं मिल रहीं थीं। लोग इंतजार करते नजर आए।

 निजी बसों ने वसूला कई गुना किराया

निजी बस संचालकों ने लोगों को उनके घर पहुंचने की मजबूरी का जमकर फायदा उठाया। रोजवेज बसें न होने पर निजी बस संचालकों ने अपनी गाड़ियां बस अड्डे के आसपास खड़ी कर सवारियों भरी और लोगों से दो से तीन गुना किराया वसूला।

दिल्ली में हुए एक सप्ताह के लाकडाउन के बाद नोएडा के सेक्टर 37 चौराहे पर भीड़ देखी गई। प्रवासी कामगार घर जाने के लिए बस का इंतजार करते दिखे।

बता दें कि लोगों को आशंका है कि दिल्ली में लॉकडाउन लंबा चल सकता है। हालांकि सीएम केजरीवाल ने स्पष्ट किया है कि यह लंबा नहीं चलेगा। प्रवासी लोग दिल्ली छोड़कर न जाएं। 

 

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