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हिंदू कॉलेज में स्पोर्ट्स-ECA कोटे में गड़बड़ी, 10 की जगह मिलीं 17 सीटें; स्टाफ एसोसिएशन ने उठाया सवाल 

Published: Wed, 19 Aug 2026 06:41 PM (IST)

दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में स्पोर्ट्स और ईसीए कोटे के दाखिलों में अनियमितताओं को लेकर विवाद गहरा गया है। ...और पढ़ें

हिंदू कॉलेज में स्पोर्ट्स कोटे की सीटों के आवंटन में गड़बड़ी का आरोप। फोटो: आर्काइव

हिंदू कॉलेज में स्पोर्ट्स कोटे की सीटों के आवंटन में गड़बड़ी का आरोप। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. हिंदू कॉलेज में स्पोर्ट्स-ईसीए कोटे के दाखिलों पर विवाद

  2. निर्धारित सीमा से अधिक सीटें आवंटित करने का आरोप

  3. स्टाफ एसोसिएशन ने निष्पक्ष जांच की मांग की

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में स्पोर्ट्स और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज (ईसीए) कोटे के दाखिलों को लेकर विवाद गहरा गया है।

कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन ने निर्धारित सीमा से अधिक सीटें आवंटित करने और दाखिला प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है। एसोसिएशन ने प्राचार्य प्रो. अंजु श्रीवास्तव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

वहीं, प्राचार्य अंजू श्रीवास्तव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कॉलेज ने दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से आवंटित सीटों के आधार पर ही दाखिले किए हैं और उन्होंने कहा कि इस मामले में डीयू प्रसाशन ने अपनी गलती भी मानी है।

एक पाठ्यक्रम में अधिकतम 10 सीटों का दावा

कॉलेज के एक शिक्षक के अनुसार, सीएसएएस-2026 के नियमों में ईसीए और स्पोर्ट्स के लिए आरक्षित सीटों में किसी एक पाठ्यक्रम में अधिकतम 20 प्रतिशत सीट आवंटित करने का प्रावधान है।

हिंदू कॉलेज में दोनों श्रेणियों के लिए कुल 48 सीटें होने के आधार पर किसी एक पाठ्यक्रम में अधिकतम 10 सीटें आवंटित की जानी चाहिए थीं। आरोप है कि इसके बावजूद कॉमर्स में 17 और राजनीति विज्ञान में 15 सीटें आवंटित की गईं।

साथ ही इस मामले को लेकर प्राचार्य ने डीयू कुलगुरु योेगेश सिंह को शिकायत भी दी थी। जिसके बाद कुलगुरु ने प्रवेश में ही गड़बड़ी को ठीक करने का निर्देश दिया। हालांकि बाद में इसे ठीक कर दिया गया. लेकिन शिक्षकों का कहना है कि ये जानबूझकर की गई गड़बड़ी है।

डूटा और स्टाफ एसोसिएशन ने उठाए सवाल

डूटा और स्टाफ एसोसिएशन ने कहा कि अधिक सीटों के आवंटन को अनजाने में हुई गलती माना है। इसके बावजूद दाखिले आगे बढ़ाए गए।

एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि कॉलेज की वैधानिक संस्थाओं की आपत्तियों की अनदेखी की गई और प्रक्रिया पर दबाव बनाया गया। साथ ही नियमों के उल्लंघन और संभावित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

प्राचार्य बोलीं- डीयू से मिली सीटों पर ही दाखिला

प्राचार्य प्रो. अंजु श्रीवास्तव ने कहा कि दाखिले नियमानुसार हुए हैं। डीयू कॉलेज को जो सीटें आवंटित करके भेजता है, कॉलेज उन्हीं पर दाखिला देता है। उन्होंने किसी भी तरह की अनियमितता में अपनी भूमिका से इनकार किया है।

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