नई दिल्ली। सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट से केजरीवाल सरकार को एक बार फिर झटका लगा है। कोर्ट ने सरकारी स्कूल में एक छात्र को दाखिला देने से मना करने के मामले में दिल्ली सरकार को नोटिस भेजा है।

दिल्ली हाइकोर्ट ने उस याचिक पर सरकार को नोटिस भेजा है जिसे 16 साल के छात्र जितेंद्र ने अधिवक्ता अशोक अग्रवाल के माध्यम से दायर की थी।अपनी याचिका में छात्र ने वर्ष 2014 उम्र परिपत्र की वैधता को लेकर चुनौती दी थी, जिसमें उसे नौवीं कक्षा में वर्ष 2015-2016 में दाखिले से रोक दिया गया।

सात मई 2015 को छात्र के माता-पिता ने यह कह कर कि उनके पास फीस भरने के पैसे नहीं हैं उन्होंने जितेंद्र को दिल्ली के एक निजी स्कूल में भेजने से मना कर दिया। इसके बाद जितेंद्र के एडमिशन को लेकर परिजनों ने कई सरकारी स्कूलों में प्रयास किया, लेकिन सभी स्कूलों ने डीओई परिपत्र का हवाला देते हुए उसे ओवर ऐज करार दिया और दाखिला देने से मना कर दिया। इसके अलावा स्कूलों ने एडमिशन के लिए खाली सीट न होने की बात भी कही।

अब इसी मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार से दो हफ्तों में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2015 को होगी।

Posted By: Amit Mishra

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