'पत्नी बेचो... लेकिन पैसे दो', फर्जी ED नोटिस से करोड़ों के खेल की बलि चढ़ा युवराज मनचंदा; WhatsApp चैट से खुलासा
गुरुग्राम में युवराज सिंह मनचंदा की हत्या की जांच में दिल्ली के अन्या वत्स और संयम सचदेवा पर शक गहरा ...और पढ़ें

युवराज सिंह मनचंदा की हत्या में गुरुग्राम कपल पर कसा शिकंजा। फोटो: आर्काइव
HighLights
युवराज सिंह मनचंदा की गुरुग्राम में हत्या, दिल्ली कपल पर शक
आरोपियों पर फर्जी ED नोटिस से 1.2 करोड़ की ठगी का आरोप
हत्या के पीछे ठगी की जानकारी होने का एंगल जांचा जा रहा
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गुरुग्राम में एडानी रियल्टी के प्रोजेक्ट मैनेजर 31 वर्षीय युवराज सिंह मनचंदा की हत्या की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, आरोपी अन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा के ठगी के मामलों की परतें भी खुल रही हैं।
पुलिस अब इस एंगल की भी जांच कर रही है कि कहीं युवराज को आरोपियों की ठगी के बारे में जानकारी तो नहीं हो गई थी। युवराज की छह सितंबर को हत्या की गई थी।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों पर एक पूर्व परिचित से 1.2 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी का मामला दर्ज है। आरोप है कि फर्जी प्रवर्तन निदेशालय (ED) नोटिस और सरकारी विभागों में ऊंची पहुंच होने का दावा कर रकम वसूली गई। इस मामले में संसद मार्ग थाने में इसी साल अगस्त में केस दर्ज हुआ था।
फर्जी ED नोटिस से शुरू हुआ खेल
पुलिस के अनुसार, संयम सचदेवा के एक पुराने स्कूलमेट को कथित तौर पर WhatsApp पर फर्जी ED नोटिस भेजा गया। इसमें उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने की बात कही गई। आरोप है कि संयम और अन्या ने अपने संपर्कों का हवाला देकर मामला निपटाने का भरोसा दिया।
जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि दोनों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के नाम से फर्जी नोटिस तैयार किए। इनमें धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA), NDPS एक्ट और UAPA जैसी धाराओं का उल्लेख किया गया था। इसके जरिए पीड़ित पर रकम देने का दबाव बनाया गया।
1.2 करोड़ दिए, फिर मांगे 26 करोड़
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसने अपनी बचत, कर्ज और परिवार से उधार लेकर 1.2 करोड़ रुपये से अधिक रकम दी। इनमें ज्यादातर रकम अन्या वत्स के बैंक खाते में ट्रांसफर होने की बात है।
इसके बाद उससे 26 करोड़ रुपये और मांगे गए। दावा किया गया कि उसके मामले को निपटाने के लिए सरकारी एजेंसियों को 13.8 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। बाद में शिकायतकर्ता को ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस से संपर्क किया।
FIR में एक WhatsApp संदेश का भी जिक्र है, जिसमें रकम लौटाने के लिए दबाव बनाया गया था। इसी संदेश में
"Sell your wife/do anything, just repay this."
लिखा बताया जा रहा है।
4.5 करोड़ की संपत्ति का मामला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, संयम सचदेवा पर अपनी अलग रह रही पत्नी को भी करीब 4.5 करोड़ रुपये की संपत्ति के मामले में ठगने का आरोप है। उसकी पत्नी की शिकायत पर घरेलू हिंसा का मामला भी दर्ज होने की बात सामने आई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि युवराज को इन गतिविधियों के बारे में क्या जानकारी थी और क्या यही वजह हत्या के पीछे रही हो सकती है।
क्लाइंट मीटिंग के बहाने बुलाया
जांच में सामने आया है कि हत्या वाले दिन अन्या वत्स और संयम सचदेवा ने युवराज को क्लाइंट मीटिंग के बहाने बुलाया था। परिवार के एक मित्र के मुताबिक, युवराज ने अपनी मंगेतर को बताया था कि वह अन्या के साथ क्लाइंट से मिलने जा रहा है और करीब 20 मिनट में फोन करेगा।
इसके बाद युवराज लापता हो गया। पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपियों के बयानों में पैसों के विवाद को लेकर भी लगातार बदलाव सामने आया है।
अन्या ने युवराज पर धमकी देने का आरोप लगाया है, हालांकि जांच अधिकारी के अनुसार अब तक इस दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं मिला है।
शव ठिकाने लगाने की तलाश भी जांच
पुलिस ने एक अवैध पिस्टल और युवराज की कार बरामद की है। दोनों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। आरोपियों के मोबाइल फोन समेत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी FSL भेजे गए हैं।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या आरोपियों ने इंटरनेट पर शव को ठिकाने लगाने के तरीके तलाशे थे। पुलिस को यह भी पता चला है कि हत्या के बाद उत्तराखंड भागते समय आरोपित वृंदावन में रुके थे। पुलिस इस ठहराव की वजह भी जांच रही है।
ZIPNET को लेकर परिवार ने उठाए सवाल
युवराज का शव 10 सितंबर को गुरुग्राम में मिला था। परिवार का आरोप है कि 16 सितंबर तक भी गुरुग्राम पुलिस ने उसकी जानकारी ZIPNET पर 'Unidentified persons found' श्रेणी में डाली थी, जबकि शव मिलने के कारण इसे 'Unidentified dead bodies' में दर्ज किया जाना चाहिए था।
हालांकि गुरुग्राम पुलिस ने किसी देरी से इनकार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस को परिवार से सूचना मिलने के 24 घंटे के भीतर गुमशुदगी की FIR दर्ज करनी चाहिए थी और यह जानकारी समय रहते गुरुग्राम पुलिस के साथ साझा करनी चाहिए थी, क्योंकि युवराज गुरुग्राम में काम करता था।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।