Explainer: देशभर में GST Registration के लिए Aadhaar Verification क्यों किया अनिवार्य, दिल्ली HC ने स्कैम पर क्या कहा?
पूरे देश में जीएसटी पंजीकरण के लिए बायोमेट्रिक आधारित आधार सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। यह कदम फर्जी कंपनियों ...और पढ़ें

राज्यसभा में प्रस्तुत केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल 2,800 फर्जी जीएसटी पंजीकरण पकड़े गए।
HighLights
जीएसटी पंजीकरण के लिए बायोमेट्रिक आधार सत्यापन अनिवार्य
फर्जी फर्मों द्वारा टैक्स चोरी के बढ़ते मामले रोकने का बड़ा कदम
दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद हुआ यह बड़ा बदलाव
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नकली फर्में बनाकर अरबों रुपये की टैक्स चोरी और निर्दोष नागरिकों के दस्तावेजों के दुरुपयोग पर लगाम लगाने के लिए जीएसटी पंजीकरण (GST Registration) प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है।
फर्जीवाड़े के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब पूरे भारत में जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए बायोमेट्रिक आधारित आधार सत्यापन को अनिवार्य कर दिया गया है। मगर सवाल उठता है कि ऐसा क्यों करना पड़ा? इसका लाभ क्या होगा?
एक फर्जीवाड़े ने बदली प्रक्रिया
यह महत्वपूर्ण कदम दिल्ली हाई कोर्ट के उस अंतरिम आदेश के बाद उठाया गया है, जो न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल और न्यायमूर्ति शैल जैन की पीठ ने एक पीड़ित गृहणी की याचिका पर सुनाया।
याचिकाकर्ता के अनुसार, उनके पैन (PAN) का गलत इस्तेमाल करके एक फर्जी जीएसटी पंजीकरण कराया गया और बाद में उन्हें विभाग से बकाया टैक्स का नोटिस प्राप्त हुआ।
कोर्ट ने संज्ञान लिया कि धोखाधड़ी करने वाले गिरोह आम नागरिकों के चुराए गए या फ्रीज किए गए पैन और आधार विवरणों का उपयोग करके फर्जी फर्में खोल रहे हैं।
दो वित्तीय वर्षों में 18,000 करोड़ की राजस्व चोरी
सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्यसभा में प्रस्तुत केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल 2,800 फर्जी जीएसटी पंजीकरण पकड़े गए, जिनसे लगभग 15,085 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी हुई। वहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 में ऐसे 1,654 धोखाधड़ी वाले पंजीकरण सामने आए, जिससे 13,109 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ।
नहीं हो सकेगा रजिस्ट्रेशन का फर्जीवाड़ा
राजस्व को पहुंचे इस भारी नुकसान और आम जनता के साथ हो रही धोखाधड़ी को पूरी तरह रोकने के लिए ही बायोमेट्रिक आधारित आधार सत्यापन व्यवस्था लागू की जा रही है। इससे यदि कोई उक्त पीड़िता के मामले जैसी ही ठगी नहीं कर सकेगा क्योंकि आधार से बायोमेट्रिक प्रक्रिया को पूरा किए बिना जीएसटी का पंजीकरण अब हो ही नहीं सकेगा।
