विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

फ्लाईदुबई घटना: कॉकपिट सुरक्षा प्रोटोकॉल में बड़े बदलाव की तैयारी, पायलटों के मानसिक स्वास्थ्य पर होगा फोकस

Published: Thu, 01 Oct 2026 11:53 PM (IST)

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में कैप्टन पर हमले के बाद भारतीय उड्डयन सुरक्षा एजेंसियां कॉकपिट ...और पढ़ें

ष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने देश के हवाई बेड़े और कॉकपिट सुरक्षा प्रोटोकॉल का गहन रिव्यू ऑडिट करने का फैसला किया है।

ष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने देश के हवाई बेड़े और कॉकपिट सुरक्षा प्रोटोकॉल का गहन रिव्यू ऑडिट करने का फैसला किया है।

HighLights

  1. फ्लाईदुबई घटना के बाद कॉकपिट सुरक्षा का गहन ऑडिट।

  2. पायलटों के मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन को किया जाएगा कड़ा।

  3. संवेदनशील मार्गों पर स्काई मार्शलों की भूमिका की समीक्षा होगी।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के कॉकपिट में ओमानी फर्स्ट ऑफिसर द्वारा भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मछार पर किए गए जानलेवा हमले और हाइजैक अलार्म ने वैश्विक उड्डयन सुरक्षा को हिलाकर रख दिया है।

इस अभूतपूर्व इनसाइडर थ्रेट (अंदरूनी खतरे) से सबक लेते हुए भारतीय नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस), नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने देश के हवाई बेड़े और कॉकपिट सुरक्षा प्रोटोकॉल का गहन रिव्यू ऑडिट करने का फैसला किया है।

कॉकपिट के सुरक्षा नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी

9/11 के बाद से बने सुरक्षा नियम मुख्य रूप से बाहरी खतरों और यात्रियों पर केंद्रित थे, लेकिन इस सनसनीखेज वारदात ने कॉकपिट के भीतर पायलटों के आपसी तनाव और हिंसा की एक नई और बेहद खतरनाक चुनौती को उजागर कर दिया है, जिससे अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कॉकपिट के सुरक्षा नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है।

सूत्रों का कहना है कि इस ऑडिट के तहत भारतीय एजेंसियां मुख्य रूप से दो सुरक्षा पहलुओं पर काम करेगी। पहला, पायलटों के मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन और साइकोमेट्रिक फिटनेस परीक्षण को और कड़ा व अनिवार्य बनाया जाएगा। ताकि उनके तनाव और मानसिक व्यवहार को समय रहते भांपा जा सके।

मार्शल्स की भूमिका और संख्या की नए सिरे से समीक्षा जरूरी

दूसरा, मध्य पूर्व और अन्य संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों पर तैनात किए जाने वाले स्काई मार्शल्स (विशेष कमांडो) की भूमिका और संख्या की नए सिरे से समीक्षा जरूरी होगी। ये कमांडो ऐसे विशेष हल्के और सटीक हथियारों से लैस होते हैं, जो विमान के केबिन प्रेशर या बॉडी को नुकसान पहुंचाए बिना हमलावर को बेअसर कर देते हैं।

यह भी पढ़ें- रोहिणी पुलिस ने 60 लाख की नकली गोल्ड फ्लैक सिगरेट के साथ तीन तस्करों को दबोचा